गया में धान खरीद लक्ष्य में लगातार कटौती के विरोध में पैक्स अध्यक्षों और व्यापार मंडल के अध्यक्षों की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक गयाजी शहर के गांधी मैदान स्थित गांधी मंडप में हुई, जिसकी अध्यक्षता गुरुआ के पूर्व विधायक विनय कुमार यादव ने की। जिले भर से आए पैक्स अध्यक्षों ने सरकार की इस नीति पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया, इसे किसानों और पैक्स दोनों के हितों के खिलाफ बताया। इन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। पूर्व विधायक विनय कुमार यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल धान की पैदावार काफी अच्छी हुई है, जिले में लगभग 9 लाख क्विंटल धान का उत्पादन होने का अनुमान है। इसके बावजूद, सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य घटाकर मात्र 1.56 लाख क्विंटल कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले यह लक्ष्य 2.60 लाख क्विंटल था, जिसे पिछले साल 1.86 लाख क्विंटल किया गया था और इस साल इसमें और कटौती की गई है। कई पैक्स डिफॉल्टर हो सकते यादव ने चेतावनी दी कि इस कटौती से पैक्स गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएंगे और कई पैक्स डिफॉल्टर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की ओर से अब तक चावल के लिए सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) जमा करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। यदि चावल समय पर जमा नहीं हुआ, तो पैक्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और उन्हें ब्याज व जुर्माना भी देना होगा। इसके अलावा, विनय कुमार यादव ने महंगाई के कारण परिवहन भाड़ा बढ़ने का मुद्दा उठाया, जिससे धान की ढुलाई पैक्स के लिए घाटे का सौदा बन गई है। बैठक में यह भी मांग की गई कि सरकार पैक्सों को जूट के बोरे उपलब्ध कराए। जूट बोरे की कमी के कारण पैक्सों को निजी बाजार से ऊंचे दामों पर बोरे खरीदने पड़ते हैं, जिससे उनकी लागत और बढ़ जाती है।
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