गयाजी के मुफस्सिल थाना पुलिस ने देर रात कुख्यात अपराधी राजू पासवान को गिरफ्तार किया। उसके साथ उसका भाई मसुदन पासवान भी पकड़ा गया। दोनों भाई भदेजा गांव के बधार में बने एक मचान पर छिपे थे। अंधेरे और सन्नाटे के बीच पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। रात के अंधेरे में ही मचान की घेराबंदी हुई तो उन्हें भागने का मौका नहीं मिला। मचान से सीधे हथकड़ी तक का सफर तय हो गया।पुलिस के मुताबिक राजू पासवान मुफस्सिल थाना क्षेत्र में डर का दूसरा नाम बन चुका था। मारपीट, आर्म्स एक्ट और जबरन वसूली जैसे संगीन मामलों में उसका नाम बार-बार सामने आता रहा। गांव से लेकर आसपास के इलाकों में लोग उसका नाम सुनते ही सहम जाते थे। पुलिस के लिए भी वह सिर दर्द बना हुआ था। एएसआई हरेश झा ने बताया कि दोनों आरोपियों को जामुन चौधरी के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब राजू पासवान के नेटवर्क और उसके पुराने साथियों को खंगालने में जुट गई है। छेड़खानी का विरोध बना हमले की वजह पुलिस के अनुसार 21 दिसंबर की घटना ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। छेड़खानी का विरोध करना जामुन चौधरी को भारी पड़ गया। आरोप है कि राजू पासवान ने अपने परिजनों के साथ मिलकर जामुन चौधरी पर बेरहमी से हमला किया। लाठी-डंडों से पीटा गया। जान से मारने की नीयत साफ दिखी। जामुन चौधरी गंभीर रूप से घायल हुआ। इलाज के बाद पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। लंबा है राजू पासवान का आपराधिक रिकॉर्ड राजू पासवान का आपराधिक इतिहास मुफस्सिल थाना के रिकॉर्ड में दर्ज है। 1 सितंबर 2018 आर्म्स एक्ट का पहला मामला। 2019 जबरन वसूली के दो मामले, साथ ही आर्म्स एक्ट का एक और केस। 2020 सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप। 2023 फिर से आर्म्स एक्ट में नाम दर्ज। 2024 मारपीट और आर्म्स एक्ट का नया मामला। लगातार मामलों के बावजूद राजू पासवान इलाके में खुलेआम घूम रहा था।
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