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गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव का विवादित बयान:बोले- जो गोमूत्र-गंगाजल पियेगा उसका स्वागत, हम गोमांस खाने वालों के विरोध में

जो गोमूत्र पिएगा, गंगाजल पिएगा, जो सनातन में आस्था रखता होगा वो गंगोत्री धाम में आ सकता है ये बयान दिया है गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने, उनका कहना है की धाम में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर समिति नियम बना रही है, हालांकि अभी फाइनल नियम क्या होंगे ये तय नहीं हुआ है। सेमवाल का बयान ऐसे समय पर आया है जब पहले ही बीकेटीसी बद्रीनाथ-केद्रनाथ में गैर हिंदुओं की एंट्री बैन करने की बात कह चुकी है। हालांकि सेमवाल ने बीकेटीसी के उस बयान को निजी राय बताया जिसमें बीकेटीसी ने गैर सनातनियों से एफिडेविट लेने की बात कही गई थी। सेमवाल के मुताबिक गंगोत्री के लिए समिति अलग नियम बना रही है और जल्द ही इन्हें फाइनल भी कर दिया जाएगा। सचिव सुरेश सेमवाल की 4 बड़ी बातें 1. गैर हिंदू की परिभाषा पर समिति का नजरिया
सुरेश सेमवाल ने कहा कि गंगोत्री धाम के संदर्भ में “गैर हिंदू” शब्द को सीधे तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि सिख, जैन और बौद्ध धर्म को अलग नहीं माना जा सकता, क्योंकि ये सभी सनातन परंपरा से जुड़े हुए हैं। इसलिए इनके लिए किसी तरह की पाबंदी का सवाल नहीं उठता, बल्कि मुख्य चिंता उन लोगों को लेकर है जो सनातन मान्यताओं के खिलाफ आचरण करते हैं। 2. पंचगव्य पान को शुद्धि की प्रक्रिया बताया
सचिव ने कहा कि धाम में आने के लिए एक पारंपरिक पद्धति पहले से चली आ रही है, जिसे पंचगव्य कहा जाता है। इसमें गोमूत्र, गोबर, गंगाजल, घी और शहद शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति इसका पान कर लेता है, वह पूरी तरह से शुद्ध माना जाता है। ऐसे व्यक्ति का धाम में स्वागत होगा और उसे दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। 3. कानूनी और धार्मिक विशेषज्ञों की समिति बनी
सेमवाल ने बताया कि इस पूरे विषय पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के वकील, विधिक विशेषज्ञ, धार्मिक मामलों के जानकार शास्त्री और आचार्य, चारधाम महापंचायत और गंगा पुरोहित सभा से जुड़े लोग शामिल हैं। यह टीम सभी पहलुओं पर गहराई से अध्ययन कर रही है ताकि कोई भी फैसला संतुलित और व्यवस्थित हो। 4. धार्मिक स्वतंत्रता और परंपरा-दोनों का संतुलन
उन्होंने कहा कि समिति इस बात का पूरा ध्यान रख रही है कि संविधान की धारा 25 और 26 के तहत किसी की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन न हो। इसके साथ ही धाम की परंपराओं को भी बनाए रखना जरूरी है। सेमवाल के मुताबिक समिति पूरी प्रक्रिया को तैयार करने के बाद ही नियमों को लागू करेगी और स्पष्ट सिस्टम सामने रखा जाएगा। कब खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। इसी दिन मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा शुरू होने से पहले ही एंट्री नियमों को लेकर उठे इस विवाद ने धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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ये खबर भी पढ़ें… बद्रीनाथ-केदारनाथ में मुस्लिम-ईसाइयों को मिलेगी एंट्री:BKTC अध्यक्ष बोले- सनातन में आस्था रखते हैं, पहले ये लिखकर देना होगा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में अब गैर-सनातनियों को एंट्री मिल सकती है। इसके लिए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) एक ऐसी एसओपी तैयार कर रही है। इसके तहत गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले एक घोषणा-पत्र भरना होगा। इसमें उन्हें यह लिखित रूप से देना होगा कि वे सनातन धर्म में आस्था रखते हैं। मंदिर की परंपराओं का सम्मान करेंगे। (पढ़ें पूरी खबर)

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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