वाराणसी में नाव को हाइजैक करके नाविक का अपहरण करने के बाद गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। आरोपियों के खिलाफ एक ओर पुलिस एक्शन में है वहीं कोर्ट किसी को राहत देने के मूड में नहीं नजर आ रहा है। इफ्तार पार्टी करने और चिकन बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार युवकों की जमानत याचिका पर आज जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली तारीख पर सीजेएम ने युवकों की तरफ से दाखिल की गई जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। आज पुलिस थाने आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री को तलब किया है। उधर, जिला जज की अदालत में सुनवाई से पहले भाजयुमो नेता के अधिवक्ता को धमकी देने के मामले में एक नया मुकदमा दर्ज होने से आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब इस मामले में आरोप लगाने वाले केस में भी रिमांड बनने के आसार हैं और आरोपियों को जेल में लंबी अवधि गुजारनी पड़ेगी।
सोमवार को सोमवार दोपहर बाद जिला जज की कोर्ट में इफ्तार पार्टी करने और चिकन बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार युवकों के परिजनों की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। आरोपियों के वकील पक्ष रखते हुए कोर्ट से जमानत की गुहार लगाएंगे। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में जेल में बंद 14 आरोपियों आजाद, आमिर, दानिश, मो. अहमद, नेहाल, महफूज, अनस, अव्वल, तहसीम, मो. अहमद, नूर इस्माइल, तौसीफ, फैजान और समीर के अपराध पर वकील दलील पेश करेंगे। इससे पहले बहस में अभियोजन ने तर्क देकर जमानत का विरोध किया और सजा की मांग की थी। पहले जानिए पूरा मामला बता दें कि काशी में सोमवार (16 मार्च) को गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई थी। इसमें आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी थी। इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा, तो हिंदूवादी संगठनों की नजर पड़ी। वीडियो में चिकन बिरयानी की बात सामने आते ही भाजपा और हिंदूवादी संगठन भड़क गए। भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके 8 घंटे के भीतर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान बिरयानी परोसने वाले सभी युवक मदनपुरा इलाके के ताड़तल्ला के रहने वाले हैं। सभी एक ही खानदान के हैं। बाबू बीड़ी वाले के नाम से मशहूर घराने से कई युवक हैं। इनमें मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद, नूर इस्लाम और मोहम्मद फैजान एक ही घर के रहने वाले हैं। इन सब के साथ एक ही घर के आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, महफूज आलम और नेहाल अफरीदी के अलावा मोहम्मद अहमद, मोहम्मद तौसीफ, आमिर कैफी, मोहम्मद अनस और दानिश सैफी घाट पहुंचे थे। फिर नाव में इफ्तार पार्टी हुई थी। सभी की उम्र 19 से 25 साल के बीच है। कोर्ट में पुलिस ने किया नया खुलासा रोजेदारों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में कहा कि रोजेदारों ने नाविक का अपहरण किया। फिर नाव हाईजैक कर इफ्तार पार्टी की। युवकों ने नाविक को धमकाकर बीच गंगा में नाव चलवाई थी। पार्टी के दौरान भी नाविक ने रोक-टोक की, लेकिन युवकों ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके अलावा इस इफ्तार पार्टी के फोटो-वीडियो बनाने का मतलब बनारस ही नहीं, देश-दुनिया को नया संदेश देना था। इससे पहले काशी में ऐस रोजा इफ्तार कभी नहीं किया गया। वीडियो रील के बीच में मस्जिद को दिखाकर फिर गंगा को शूट किया गया। इसके बाद नाव पर सजे दस्तरखान को कई एंगल से शूट किया गया। बिरयानी के अलग से वीडियो बनाए, तो खुद को ताकतवर बताने की बात भी सामने आई है। अधिवक्ता को धमकी से नया मोड़ बजड़े (बड़ी नाव) पर इफ्तार पार्टी करने और चिकन बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार युवकों पर शिकंजा और कस गया है। मामले के मुख्य वादी और भाजयुमो महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। अधिवक्ता के अनुसार, 19 मार्च की शाम जब वह अदालत में बहस करने के बाद परिसर में पहुंचे, तो वहां 5-6 अज्ञात युवक रजत जायसवाल को जान से मारने की साजिश रच रहे थे। जब अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने उन्हें भी अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। आज शशांक शेखर भी अपने केस में रिमांड का प्रयास करेंगे।

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