भोजपुरी इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव ने गायिका मैथिली ठाकुर की ओर से लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को ‘दुर्योधन’ और ‘धृतराष्ट्र’ कहे जाने के पर तीखी टिप्पणी की है। खेसारी ने कहा कि कम उम्र में यदि बड़ी उपलब्धि मिल जाती है तो कई बार व्यक्ति संतुलन खो देता है। ज्ञान-अनुभव की कमी में लोग ऐसे शब्दों का प्रयोग कर बैठते हैं। राजनीति में आने का मतलब यह नहीं है कि इंसानियत खत्म हो जाए। उन्होंने साफ कहा कि राजनीति में शालीनता और मर्यादा बेहद जरूरी है। तेजस्वी बड़े भाई के समान हैं और लालू जी पिता समान। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी कलाकार पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते। मैं कलाकार हूं, इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन भाषा का चयन सोच-समझकर होना चाहिए।
मनोज तिवारी के तंज पर भी दिया जवाब भोजपुरी गायक और भाजपा नेता मनोज तिवारी की ओर से हाल ही में निकाले गए एक एल्बम में खेसारी पर तंज कसने की चर्चा भी तेज है। इस पर उन्होंने कहा कि वह जहां हैं, उनके लिए बेहतर है और मैं जहां हूं, मेरे लिए बेहतर है। उनका मेरे साथ व्यक्तिगत रिश्ता है। मैं उन्हें बड़े भाई के तौर पर सम्मान देता हूं और जीवन भर देता रहूंगा। खेसारी ने कहा कि राजनेता अक्सर राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन दुनिया भर की बातें और इधर-उधर की चर्चा से बिहार का भला नहीं हो सकता।
काजल राघवानी के साथ काम करने पर क्या कहा ? भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी ने हाल ही में कहा था कि वह फिर से खेसारी के साथ काम करना चाहती हूं। इस पर खेसारी ने कहा कि उनकी अपनी विचारधारा हो सकती है। मैं इतना बड़ा नहीं हूं कि किसी कलाकार को मना कर दूं। अगर अच्छा काम होगा तो जरूर साथ काम करेंगे।
सम्मान ही मेरी पहचान खेसारी लाल यादव ने यह कि मैं विवादों में पड़ने के बजाय सम्मानजनक भाषा और सकारात्मक राजनीति के पक्षधर हूं। उनका कहना है कि राजनीति हो या कला, किसी को छोटा-बड़ा कहने से समाज का भला नहीं होता। जरूरत इस बात की है कि ऐसे लोग आगे आएं जिन्हें देश-दुनिया की समझ हो और जो समाज को जोड़ने का काम करें।
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