किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र में 21 सितंबर को लापता हुए हल्दावन निवासी महबूब आलम की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मुख्य आरोपी दरास वारदात के बाद भाग गया था ओमान इस मामले में मृतक के साले दरास सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद कर ली है। मुख्य आरोपी दरास वारदात के बाद ओमान भाग गया था। पुलिस के अनुसार, महबूब आलम 21 सितंबर को दलखोला जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में विशेष टीम गठित 14 अक्टूबर को उनकी पत्नी जोसनेरा खातून ने दिघलबैंक थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक सागर कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच, खुफिया सूचना और जैविक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पिपला गांव निवासी मनारूल हक की संलिप्तता का पता चला। पूछताछ में मनारूल ने कबूल किया कि महबूब आलम की हत्या उसके साले दरास और तीन अन्य दोस्तों ने मिलकर की थी। अभियुक्तों ने बताया कि 21 सितंबर को महबूब आलम अपने साले दरास और तीन अन्य साथियों के साथ जमीन के काम से पूर्णिया गए थे। वापसी के दौरान रास्ते में ही कार में बैठे-बैठे हथौड़े से महबूब के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी गई। शव को छिपाने के लिए पिपला गांव के एक खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी दरास अभी भी फरार पुलिस ने मनारूल हक (38 वर्ष) के अलावा इरफान (25 वर्ष) और मोकिम (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों खाड़ीटोला और पिपला गांव के निवासी हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी दरास अभी भी फरार है और विदेश भाग गया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने हत्याकांड में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (BR37AD9028) को भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।
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