खुद बुलडोजर मांगकर तोड़ने लगे मस्जिद-मदरसा और दुकानें:संभल में 4 बीघा सरकारी जमीन पर 30 साल से था अवैध कब्जा, 20 घंटे में पूरा टूटेगा
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खुद बुलडोजर मांगकर तोड़ने लगे मस्जिद-मदरसा और दुकानें:संभल में 4 बीघा सरकारी जमीन पर 30 साल से था अवैध कब्जा, 20 घंटे में पूरा टूटेगा
संभल में प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद मस्जिद कमेटी खुद मस्जिद-मदरसे और दुकानों को गिरा रही है। रविवार सुबह 11 बजे बुलडोजर पहुंचा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। दोपहर 3 बजे तक मदरसे को पूरी तरह से तोड़ दिया गया। अब मस्जिद और दुकानों को तोड़ा जा रहा है। 4 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण है, जिसे प्रशासन ने रविवार तक गिराने का अल्टीमेटम दिया है। अगर मस्जिद कमेटी आज अवैध निर्माण नहीं हटा पाई, तो सोमवार को प्रशासन अपना बुलडोजर कार्रवाई करेगा। संभल के मुबारकबंद गांव में 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध मदरसे का निर्माण कराया गया था। 15 साल पहले मस्जिद बना ली गई। जिसमें 5 दुकानें और 8 मकान भी तैयार करा लिए गए। हैरानी की बात ये है कि इस जमीन पर 2 सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हैं। पहले देखिए 3 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… 8 दिन का नोटिस, फिर खुद शुरू हुई तोड़फोड़
मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ डीएम को शिकायत मिली थी। जिसके बाद तहसीलदार कोर्ट से 28 मार्च को अवैध कब्जाधारियों को निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया। 30 मार्च से स्थानीय स्तर पर मजदूर लगाकर निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। शनिवार को डीएम के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। तब प्रधानपति हाजी मुनव्वर ने तहसीलदार से कहा कि पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए प्रशासन उन्हें बुलडोजर उपलब्ध करा दे। तब प्रशासन की ओर से एक हजार रुपए प्रति घंटे के हिसाब से JCB किराए पर दी गई। मस्जिद कमेटी ने 20 घंटे में पूरा निर्माण गिराने का लक्ष्य रखा है। खाद के गड्ढे और खेल मैदान पर था कब्जा
राजस्व विभाग के अनुसार गाटा संख्या 623 और 630 की जमीन खाद के गड्ढे और खेल मैदान के लिए दर्ज थी। पैमाइश में करीब चार बीघा भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई, जिसके बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस और राजस्व टीम मौके पर तैनात
कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक दरोगा और करीब 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने सीमांकन कर कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। प्रशासन का कहना है कि पूरी जमीन को जल्द ही कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा। पुलिस और राजस्व टीम मौके पर तैनात
कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक दरोगा और करीब 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने सीमांकन कर कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। प्रशासन का कहना है कि पूरी जमीन को जल्द ही कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा। आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ———————- ये भी पढ़ें: योगी बोले-गाजी मियां माफिया था, महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजा:उसे इस्लाम की सबसे बुरी मौत दी, गर्म तवे पर बांधकर जलाया ‘एक हजार साल पहले जो शौर्य महाराज सुहेलदेव ने दिखाया था, उसे सभी को जानना चाहिए। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने वाले विदेशी आक्रांता को सिर्फ रोका ही नहीं, बल्कि ऐसी निर्मम मौत दी कि किसी की दोबारा ऐसा करने की हिम्मत नहीं हुई। सालार मसूद (गाजी मियां) माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिल गए हैं, उनका ही एक रूप था। उसने हमारे मंदिर तोड़े थे। महाराज सुहेलदेव ने उसे ऐसी मौत दी थी, जो इस्लाम में सबसे खराब मानी जाती है। गर्म लोहे के तवे पर बांधा और जला दिया।’ यह बात सीएम योगी ने रविवार को लखनऊ में कही। (पढ़ें पूरी खबर)
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
