लखनऊ की विशेष PMLA कोर्ट ने सहारनपुर के खनन माफिया और पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के तहत उसकी करीब 995.75 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश भी दिया गया है। लंबे समय से फरार इकबाल के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन समेत कई गंभीर आरोपों के चलते की गई है।
समन के बावजूद पेश नहीं हुआ, दुबई में छिपे होने की पुष्टि
ED की जांच में सामने आया कि मोहम्मद इकबाल को कई बार समन जारी किया गया, लेकिन वह जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि वह भारत छोड़कर दुबई (UAE) में रह रहा है और कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने जानबूझकर देश छोड़कर न्यायिक प्रक्रिया से दूरी बनाई है।
शेल कंपनियों के जरिए 7 चीनी मिलों की खरीद में गड़बड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार, मोहम्मद इकबाल और उसके सहयोगियों ने शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश की 7 चीनी मिलों को बेहद कम कीमत पर खरीदा। इन सौदों के दौरान फर्जी लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा पाया गया, जिस पर ED ने विस्तृत जांच की।
अवैध खनन में भी भूमिका, दूसरों के नाम पर लिए गए पट्टे
सहारनपुर क्षेत्र में अवैध खनन के मामलों में भी मोहम्मद इकबाल की भूमिका सामने आई है। जांच में पता चला कि खनन पट्टे अन्य व्यक्तियों के नाम पर लिए गए थे, जबकि उनका वास्तविक संचालन इकबाल के नियंत्रण में था। इस तरीके से अवैध खनन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
यूनिवर्सिटी समेत करोड़ों की संपत्तियां पहले ही कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान मोहम्मद इकबाल की कई संपत्तियों को पहले ही कुर्क कर लिया था। इनमें करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के साथ उसकी एक निजी यूनिवर्सिटी भी शामिल है। ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से जुड़ी हुई हैं।
कोर्ट ने FEO एक्ट के तहत दिया आदेश
लखनऊ की विशेष अदालत ने Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के तहत कार्रवाई करते हुए मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने जांच से बचने के लिए देश छोड़ा और बार-बार बुलाने के बावजूद पेश नहीं हुआ, ऐसे में कानून के प्रावधानों के तहत उसकी संपत्तियों को जब्त किया जाना उचित है।

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