चैत्र नवरात्रि मेले के आठवें दिन गुरुवार को कौशांबी स्थित शक्तिपीठ कड़ाधाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अष्टमी के अवसर पर भोर से ही भक्त माता शीतला के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने मां आदिशक्ति के अष्टम महागौरी रूप का दर्शन-पूजन किया। मां शीतला के दर्शन के साथ ही भक्तों ने धाम स्थित बाबा काल भैरवनाथ मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर और फूलमती माता के दरबार में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, कुशलता और निरोगी जीवन की कामना की। 51 शक्तिपीठों में से एक विख्यात माता शीतला के कड़ाधाम मंदिर में केवल कौशांबी ही नहीं, बल्कि प्रतापगढ़, फतेहपुर, रायबरेली, उन्नाव, सुल्तानपुर, भदोही, जौनपुर, वाराणसी, औरैया, मिर्जापुर और सोनभद्र सहित कई दूर-दराज के जनपदों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नौ दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देश पर थाना अध्यक्ष त्रिलोकीनाथ पांडेय पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ कुबरी घाट, कालेश्वर घाट और हनुमान घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर लगातार गश्त करते रहे। सुरक्षाकर्मी माइक के माध्यम से श्रद्धालुओं को गंगा के गहरे पानी में स्नान न करने के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। मंदिर के पुरोहित विक्रमा प्रसाद पुजारी के अनुसार, मां शीतला के इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती का दाहिना हाथ गिरा था, जिसके बाद से इस धाम का नाम कड़ाधाम पड़ा।

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