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कोल्ड स्टोरेज हादसा- लंच टाइम ने बचाईं कई जानें:प्रयागराज में मलबे में अपनों को तलाश रहे, चश्मदीद बोले- धमाका ऐसा, लगा बम फटा

प्रयागराज के फाफामऊ में पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान के कोल्ड स्टोरेज में 23 मार्च को दर्दनाक हादसा हुआ। दोपहर करीब डेढ़ बजे धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की मौत हो गई। 17 लोग जख्मी होकर अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद भी कई लापता हैं। यह हादसा कई परिवारों का सब कुछ छीन ले गया। अभी तक लोगों का रोना-बिलखना और चीखना चल रहा। अपनों की तलाश में लोग कोल्ड स्टोरेज की खाक छान रहे। घायलों के घरवाले उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। जेसीबी-बुलडोजर से जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा, लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। शायद अपनों की जिंदगी बच गई हो, इस उम्मीद में लोग टकटकी लगाए देख रहे हैं। मौके पर दैनिक भास्कर ने कई चश्मदीदों से बात की। लोगों का कहना है कि अगर लंच टाइम नहीं होता, तो मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले हादसे की तस्वीरें देखिए लंच टाइम होने से बच गई कई की जान
23 मार्च को कोल्ड स्टोरेज में करीब 110 लोग काम पर रहे थे। कोल्ड स्टोरेज में विस्फोट के बाद छत का भरभराकर ढह जाना इतना भयानक था कि चमश्दीद सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज में लंच टाइम था। यहां दो शिफ्ट में लंच होता है। पहला- दोपहर एक से दो बजे तक, दूसरा- दो से तीन बजे तक। काम करने वाले मजदूर लंच के दौरान खाना खाकर बाहर निकल जाते हैं। किसी को बीडी-सिगरेट पीना होता है, तो कोई सुर्ती या फिर चाय के चक्कर में बाहर घूमता है। इनके अलावा खाना खाने के बाद कुछ लोग वहीं लेटकर कुछ देर आराम भी करते हैं। इन्हीं लेटे-बैठे लोगों पर मलबा गिरा। पढ़िए मौके पर मौजूद लोगों ने जो कुछ बताया तेज धमाका और भरभराकर गिरने लगी छत
खून से लथपथ अपने पिता को ले जाते देख बेटे दीपक के आंसू नहीं रुक रहे थे। हादसे की वजह से वह इतना डर गया था कि सही से बोल भी नहीं पा रहा था। दीपक लड़खड़ाते शब्दों में बताता है- मेरे पिता बेल्हड़ चौधरी यहां मजदूरी करते हैं। अमोनिया गैस का टैंकर फट गया। तेज धमाका हुआ, पूरी छत भरभराकर गिरने लगी। सब चीखते हुए बाहर भागे। हमारे पिताजी वहीं सो रहे थे। मलबा उनके ऊपर गिरा। हम दूसरी तरफ सो रहे थे, इसलिए बच गए। ज्यादातर लोग खाना खाकर कुछ देर आराम करने के लिए लेट गए थे। कुछ लोग लंच करके बाहर चले गए थे। इसी बीच विस्फोट हुआ और छत अंदर मौजूद लोगों पर गिर गई। ​25-30 आदमी लेटे थे…सब दब गए
कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले नंदन कुमार कहते हैं- क्या बताएं। अभी लंच का टाइम हुआ था। सब खाना-वाना खाकर आराम करने के लिए इधर-उधर लेटने लगे। कुछ लोग बाहर भी चले गए। अचानक पहले ‘झर-झर’ की आवाज आने लगी, यह अमोनिया गैस लीकेज जैसा था। फिर तेज आवाज आई, इसके बाद पक्का हिस्सा गिर गया। जो अंदर थे, वो भाग नहीं पाए, उनके ऊपर मलबा गिर गया। पता नहीं क्या हुआ, पूरा धुआं-धुआं होने लगा। फिर हम लोग भी भागने लगे। कुछ लोग जो होश में थे, बोले- शांत हो जाओ, शांत हो जाओ। उस समय तो उसमें बहुत लोग थे। अभी हम लोग गिनती नहीं कर पाए हैं। ​25-30 आदमी, जो लेटे बैठे थे, वो दब गए। लंच का टाइम न होता, तो बहुत लोग मरते
कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले इंदल का कहना है कि वहां करीब 110 लोग काम कर रहे थे। लंच हुआ तो बहुत से मजदूर इधर-उधर हो गए। तेज आवाज आई और फिर जैसे ही छत गिरी, अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग तो जान बचाकर भागने में सफल रहे। लेकिन, कई बदनसीब मलबे के नीचे ही दब गए। लंच का टाइम न होता तो बहुत लोग मरते। जिंदगी के लिए जूझ रहा 3 साल का कार्तिक
कोल्ड स्टोरेज में हादसे में 3 साल का कार्तिक उर्फ गुड्डू भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। शहर के स्वरूपरानी नेहरू अस्तपाल (SRN) में उसका इलाज चल रहा है। कार्तिक प्रतापगढ़ के बाबागंज के रहने वाले संजय कुमार का बेटा है। उसकी मां रंजना कोल्ड स्टोरेज में काम कर रही थी। वह कपड़े धोने का काम करती है। इस दौरान कार्तिक कोल्ड स्टोरेज में खेल रहा था। सब कुछ अचानक हो गया। विस्फोट के बाद धुआं भरा और दीवार छत ढह गई। मां दौड़ी और बच्चे को मलबे के बीच से लेकर बाहर भागी। रंजना के पति की भी मौत हो चुकी है। अब जानिए कैसे हुआ हादसा प्रयागराज में 23 मार्च की दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान के कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 मजदूर दब गए। 4 मजदूरों की मौत हो गई। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। प्रशासन अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर हैं। सुल्तानपुर का ठेकेदार बिहार से लाता है मजदूर
कोल्ड स्टोरेज में सुल्तानपुर का रहने वाला बलवंत सिंह उर्फ बलवीर ठेकेदार है। वही बिहार से मजदूर लाता है। पूर्व मंत्री अंसार पहलवान के कोल्ड स्टोरेज में भी ज्यादातर मजदूर बलवंत ही लाया था। पहलवान के दूसरे कोल्ड स्टोरेज में भी बलवंत ही मजदूरों की सप्लाई करता है। कोल्ड स्टोरेज में मैनेजर का काम राम मिलन देख रहा था। कोल्ड स्टोरेज मालिक सपा नेता की पुलिस कर रही तलाश
पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज हादसे में 4 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो अंसार अहमद के भतीजे हैं। दो कोल्ड स्टोरेज का काम संभालने वाले युवकों को भी उठाया गया है। अंसार अहमद सपा नेता हैं। उनके दो बेटे हैं। मंजूर अहमद (32) और डॉ. मंसूर उर्फ मोटू। मंसूर अयोध्या में सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। मंजूर और उसका चचेरा भाई उस्मान कोल्ड स्टोरेज का काम देखते हैं। वह साल- 2002 से 2007 और 2012 से 2017 तक सपा से विधायक रहे हैं। पहले नवाबगंज विधानसभा सीट से जीते परिसीमन आयोग ने नवाबगंज विधानसभा सीट 2008 में खत्म कर दी। इसके बाद फाफामऊ विधानसभा सीट से साल-2012 में जीते। मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में पशुपालन मंत्री रह चुके हैं। 27 साल पुराने इस कोल्ड स्टोरेज में 3 बिल्डिंग अंसार अहमद की आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग फाफामऊ इलाके में है। 27 साल पुराने इस कोल्ड स्टोरेज में 3 बिल्डिंग हैं। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट की एक बिल्डिंग ढही है। पीएम मोदी और सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत, मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 से अधिक मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। पढ़ें पूरी खबर

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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