कोरी भुईयार समाज की बैठक में उपेक्षा पर चर्चा:समाज के उत्थान और तरक्की के लिए एकजुट होने का आह्वान
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कोरी भुईयार समाज की बैठक में उपेक्षा पर चर्चा:समाज के उत्थान और तरक्की के लिए एकजुट होने का आह्वान
रोहटा ब्लॉक के गांव रोहटा में कोरी एवं भुईयार समाज की बैठक यशवीर शास्त्री के आवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के उत्थान, तरक्की और मौजूदा सरकार द्वारा की जा रही उपेक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए एडवोकेट रविंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल लगातार समाज की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में पटवारी और तहसीलदार जानबूझकर समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं, जबकि यह समाज हमेशा से भाजपा का पारंपरिक वोटर रहा है।
एडवोकेट कुमार ने यह भी बताया कि पश्चिम के किसी भी जिले में भाजपा ने अभी तक हमारे समाज का कोई जिलाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया है। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोरी/भुईयार समाज को कोई लाभ का पद भी नहीं दिया गया है, जिससे समाज में काफी रोष है। इस अवसर पर सदनपाल प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने मांग की कि संत कबीरदास और वीरांगना झलकारीबाई कोरी जैसे समाज के महापुरुषों के नाम पर किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान या विश्वविद्यालय का नाम रखा जाना चाहिए, ताकि समाज को वास्तविक पहचान मिल सके। बैठक की अध्यक्षता मास्टर सुखपाल ने की और संचालन दिनेश कुमार ने किया। बैठक के अंत में समाज के उपस्थित जिम्मेदार लोगों ने 21 सदस्यों की एक कोर कमेटी बनाने का निर्णय लिया। यह कमेटी समाज के उत्थान और जागरूकता के लिए कार्य करेगी। जून माह में समाज का एक बड़ा कार्यक्रम कलक्ट्रेट में आयोजित किया जाएगा, जहां समाज की सभी समस्याओं को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार तक पहुंचाकर समाधान की मांग की जाएगी। कोर कमेटी में सर्वसम्मति से मुकेश कुमार सरुरपुर, जितेंद्र दबथुआ, अमरीश कोरी, आदेश कटारिया, दिनेश कोरी, मदनपाल सिंह और धीरज रोहटा को चुना गया। बैठक में सतपाल सिंह, सोनू रोहटा, गौरव कोरी जांजोखर, चंद्रपाल सिंह, सतेन्द्र कुमार, अनमोल कोरी, आदित्य कोरी, नीतू कोरी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
