हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान शनिवार को विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी पहुंचे। इस दौरान उत्तराखंड CM धामी ने कहा- हमने मदरसा बोर्ड खत्म किया और 10 हजार एकड़ भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री खट्टर ने मंच पर जेब से गीताजी निकालकर दिखाईं। उन्होंने कहा- मुझे इसका एक श्लोक याद है। वही मेरे कर्म का आधार है। उडुपी में 1 लाख श्लोक का पाठ हुआ। अब 7 दिसंबर को बंगाल में पाठ होंगे। हालांकि, बंगाल में ये कठिन लगता है। कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और शंकराचार्य के साथ देश भर के कई संतों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। MP के CM मोहन यादव और हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी को भी कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन वह नहीं आ सके। उत्तराखंड CM ने कार्यक्रम में ये बातें कहीं… स्वामी अवधेशानंद बोले- किसी धर्म ग्रंथ का अनादर नहीं करते
वहीं, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद ने कहा- हम किसी के धर्म ग्रंथों का अनादर नहीं करते। गीता जी योग का मूल का ग्रंथ है, जो प्रकृति, निजता और ब्रह्म से जोड़ती है, लेकिन दूसरे धर्म के ग्रंथ व्यक्ति और समूह से जोड़ते हैं। स्वामी अवधेशानंद ने उत्तराखंड के सीएम से दक्षिण भारत को कुंभ से जोड़ने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री खट्टर के संबोधन की अहम बातें… देव स्थानम् सम्मेलन कल
महोत्सव के दूसरे दिन 30 नवंबर को कुरुक्षेत्र के कला कृति केंद्र में अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे मां वैष्णो देवी, कामाख्या देवी, अयोध्या राम मंदिर, शक्तिपीठों, 12 ज्योतिर्लिंगों और प्रयागराज जैसे पवित्र केंद्रों से पुरोहितों और प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करेंगे। दोनों सम्मेलनों में भाग लेने वाले संतों, महात्माओं और तीर्थ प्रतिनिधियों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से चने से तैयार विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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