अयोध्या के आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति पर उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस मामले में सुनवाई आज होगी। डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को 10 फरवरी को कुलपति पद के लिए नामित किया गया था। उन्हें 1 मार्च 2026 तक कुलपति पद का प्रभार संभालने का अंतिम अवसर दिया गया था। प्रभार संभालने में विफल रहने पर, कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 3 मार्च को उनका मूल नियुक्ति आदेश रद्द कर दिया था। कुलपति पद पर चयन से पहले डॉ. ज्ञानेंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआइ), नई दिल्ली में राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक थे। उन्होंने आईएआरआइ द्वारा उन्हें कार्यमुक्त न किए जाने को न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की बेंच में चुनौती दी थी। उनके अधिवक्ता ने बताया कि कार्यमुक्त न किए जाने के कारण ही 3 मार्च को कुलपति पद पर उनकी नियुक्ति का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने डॉ. ज्ञानेंद्र को अपने मूल विभाग, आईएआरआइ, को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आईएआरआइ से उन्हें कार्यमुक्त न करने और इसमें आने वाली बाधाओं के बारे में जवाब मांगा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य (कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग) को भी पक्षकार बनाया गया है।

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