कुशीनगर में विश्व क्षयरोग दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 129 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 100 दिवसीय टीबी रोग खोज अभियान का भी शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी से टीबी उन्मूलन पर जोर देना है। जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित इन 129 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को गांधी जी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चन्द्रप्रकाश और जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. एस.एन. त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से एक मोबाइल प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर 100 दिवसीय टीबी रोग खोज अभियान की शुरुआत की। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र ने अपने संबोधन में ग्राम प्रधानों से टीबी मुक्त पंचायत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने और ग्रामीणों की अधिक से अधिक जांच सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। उन्होंने बीमारी से डरने के बजाय जागरूकता को आवश्यक बताया, जिससे समय पर इलाज संभव हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चन्द्रप्रकाश ने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी जैसी बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पडरौना ब्लॉक के बहादुरगंज और हाटा ब्लॉक के महुई गांव लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त रहने पर गांधी जी की स्वर्ण प्रतिमा से सम्मानित हुए हैं। वहीं, नेबुआ, कप्तानगंज, पडरौना और मोतीचक ब्लॉकों की पांच ग्राम पंचायतों को दूसरी बार टीबी मुक्त होने पर सिल्वर प्रतिमा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, 122 ग्राम पंचायतों को पहली बार टीबी मुक्त घोषित होने पर कांस्य प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. एस.एन. त्रिपाठी ने टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस अभियान में टीबी कर्मियों की भूमिका को सराहनीय बताया। इस कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल और जिला पंचायत अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अनूप कुमार मिश्र ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत और आभार ज्ञापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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