कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया के ढोलहा गांव में दो दिन के भीतर बुखार से पीड़ित एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गांव में शिविर लगाकर जांच शुरू कर दी गई है और बच्चों की मौत के कारणों की भी जांच की जा रही है।
इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. रंजन कुमार मौर्य ने बताया कि टीम पिछले दो दिनों से शिविर लगाकर बच्चों की जांच व उपचार कर रही है। मौत के कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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डॉ. आफताब व फार्मासिस्ट मुश्ताक अंसारी के नेतृत्व में टीम ने गांव में शिविर लगाकर 57 बच्चों की जांच की। बुखार, मलेरिया व डेंगू की जांच के साथ आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। टीम ने प्रभावित घरों के आसपास दवा व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर स्वच्छता रखने की अपील की।
इसके पहले ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला निवासी पिंटू गौड़ की सात वर्षीय बेटी मंजू पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। झोलाछाप डॉक्टर के उपचार से लाभ न मिलने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां बुधवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
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इसके बाद तीन वर्षीय दूसरी बेटी खुशी की तबीयत बिगड़ने पर उसे भी जिला मुख्यालय ले जाया गया।
हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया, जहां शुक्रवार की भोर में उसकी भी मौत हो गई। इधर पिंटू के बड़े भाई दशरथ के पांच वर्षीय पुत्र कृष्णा को भी तेज बुखार होने पर शुक्रवार सुबह पडरौना ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डालकर जांच शुरू कर दी।
News Source- PTI Information
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