कुशीनगर नगर में गणगौर विदाई समारोह पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। महिला समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पिछले लगभग 25 वर्षों से निरंतर हो रहा है। इस वर्ष भी क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने इसमें भाग लिया। गणगौर पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह मां गौरा (पार्वती) और भगवान शिव के प्रेम, सौभाग्य तथा सुख-समृद्धि का प्रतीक है। विदाई समारोह में महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने परिवार की खुशहाली, वैवाहिक जीवन की मंगलकामना और समाज में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी थीं। उन्होंने लोकगीत, मंगलगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत किया गया, जिससे नगर में उत्सव का वातावरण बन गया। विदाई शोभायात्रा नगर के साहबगंज से शुरू हुई। यह गणेश मंदिर चौराहा, अग्रवाल विवाह भवन और नौका टोला से होते हुए हनुमान इंटरमीडिएट कॉलेज के पास स्थित पोखरे तक पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ मां गौरा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर कार्यक्रम का समापन किया गया। समिति की अध्यक्ष मीना शर्मा ने बताया कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हैं। ये महिलाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे अपनी प्रतिभा और एकजुटता का प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि इससे समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और सहयोग की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर मीना शर्मा, सीमा शर्मा, अनिता शर्मा, पूजा शर्मा, सुनीता शर्मा, सरिता शर्मा, रानी शर्मा, मीनू जिंदल, ऊषा शर्मा, रुचि शर्मा, चंदा शर्मा, पिंकी शर्मा सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष “बुलबुल” जायसवाल ने महिलाओं के उत्साह और सहभागिता की सराहना की। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बताया।

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