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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शिक्षकों का विरोध मार्च:मनमाना काम करने का लगाया आरोप, 3KM बैनर-पोस्टर लेकर नारा लगाते हुए निकले
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बड़े आंदोलन की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय के शिक्षक समूह ने प्रशासन के साथ हुई वार्ताओं के बाद अपनी मांगों को लेकर शिक्षक स्वाभिमान लोकतांत्रिक पद यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। यह पद यात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर विश्वविद्यालय के सिंह द्वार (मुख्य द्वार) तक पहुंची। उपकुलसचिव पर लगाया आरोप शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के उप-कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक निर्णयों में दुर्भावना, अनावश्यक विलंब, दुर्व्यवहार और हठधर्मिता के कारण शिक्षकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से सेंट्रल रजिस्ट्री से हटाया जाए। अब जानिए शिक्षकों की प्रमुख मांग • पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को तत्काल पद से हटाकर उनकी जांच कराई जाए • यूजीसी नियमों के अनुसार नोशनल इंक्रीमेंट, पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप और पूर्व सेवा से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा • D.A.C.P. (मॉडर्न मेडिसिन एवं आयुर्वेद) मामलों में सेवा शर्तों और प्रोन्नति का उचित क्रियान्वयन • “एक पद, एक व्यक्ति” के सिद्धांत का कड़ाई से पालन • विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की CBI जांच • भर्ती एवं मूल्यांकन (R.A.C.) प्रक्रिया में पारदर्शिता • कार्यकारी परिषद की नियमित बैठकें और निर्णयों का सार्वजनिक प्रकटीकरण • शिक्षकों की छुट्टियों का निर्धारण यूजीसी नियमों के अनुरूप • योग्य और व्यवहारकुशल प्रशासकों की नियुक्ति अब जानिए शिक्षकों ने क्या कहा
शिक्षक विनोद जायसवाल ने कहा- वे लोग पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक अक्षमता और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुछ उच्च अधिकारी व्यक्तिगत हितों के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे संस्थान की छवि लगातार धूमिल हो रही है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे पिछले दो वर्षों से कुलपति के साथ संवादरत हैं, लेकिन कुछ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रक्रिया में बाधा डालते हुए शिक्षकों पर दबाव बना रहे हैं और भय का माहौल उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा इन परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षक समुदाय ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने के लिए पद यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन विश्वविद्यालय के हित, शिक्षकों के सम्मान और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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