सनातन संस्कृति के केंद्र काशी में आज हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सांगठनिक शक्ति और अनुशासन का परिचय देते हुए भव्य पथ संचलन निकाला। केसरिया ध्वज के साए में निकले इस संचलन का उद्देश्य राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों के संरक्षण का संदेश देना था। देखें तस्वीर… आकर्षण और अनुशासन की लिखी झलक सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक काली टोपी, सफेद शर्ट और खाकी पैंट (पूर्ण गणवेश) में शामिल हुए। उनके हाथों में दंड और कदमताल की थाप ने देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचलन के आगे-आगे चल रहे संघ के ‘घोष’ दल ने देशभक्ति के गीतों की स्वर लहरियां बिखेरीं, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर हो गया। शहर के विभिन्न चौराहों और मार्गों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों (महासभाओं) द्वारा स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया।

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