कार्डियोलॉजी के बाहर बने मेडिकल स्टोर्स पर रविवार को जेसीबी के माध्यम से गिराया। सुबह के समय कई थानों का फोर्स, जेसीबी, ट्रक के साथ प्रशासन व एनएच के अधिकारी पहुंचे। दुकानें गिरने की सुगबुगाहट होते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फुटकर दवा व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन कई दलीलों के बाद भी अफसरों के सामने इनकी एक न चली। जेसीबी के माध्यम से दुकानों को गिरा दिया गया। जेसीबी से गिराई दुकानें पीडब्ल्यूडी के एनएच डिवीजन की ओर से की गई कार्रवाई में मेडिकल स्टोर व होटल समेत 10 से ज्यादा दुकानों को गिराया गया। बताया जा रहा है कि जायसवाल मेडिकल स्टोर के पास कोर्ट का स्टे होने के चलते उसको गिराने से रोक दिया गया। इसके अलावा अन्य दुकानों पर जेसीबी के माध्यम से गिरा दिया गया। हालांकि दुकानदारों को दवाएं व अन्य सामान हटाने का समय दिया गया। अधिकारी बोले अतिक्रमण करके बनी थी दुकानें बताया जा रहा है कि यह दुकानें अतिक्रमण करके बनाई गई थी। जिनकी वजह से अक्सर कार्डियोलाजी में आने वाले मरीज व एंबुलेंस जाम में फंसते थे। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। पीडब्ल्यूडी के एनएच डिवीजन की ओर से कार्रवाई किए जाने पर चर्चा यह भी रही की रोड का चौड़ीकरण भी दुकानें हटने का कारण हो सकता है। इन दुकानों से किसी का नुकसान नहीं था फुटकर दवा व्यापार मंडल के महामंत्री प्रवीण बाजपेई ने बताया कि 40 साल पहले मेडिकल स्टोर संचालकों ने यहां पर आकर अपना व्यापार शुरु किया था। इनकी वजह से कोई सड़क जाम या कोई अन्य नुकसान नहीं होता था। कार्डियोलाजी की शिकायत के बाद यह तोड़ी गई हैं। यह लोग पीडब्ल्यूडी की लैंड पर बसे थे। अधिकारी सरकार की मंशा का पलीता लगा रहे हैं। सरकार को बदनाम कर रहे हैं। 14-15 दुकानें गिराकर पता नहीं क्या साबित करना चाहते हैं।

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