कानपुर बीजेपी सांसद रमेश अवस्थी ने संसद में महान क्रांतिकारी व निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ने अपने अखबार ‘प्रताप’ के जरिए ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई और स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक ताकत दी थी।
सांसद ने सदन में कहा कि विद्यार्थी ने भगत सिंह समेत कई क्रांतिकारियों का समर्थन किया। 25 मार्च 1931 को कानपुर दंगों के दौरान उन्होंने लोगों की जान बचाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
उनकी शहादत पर महात्मा गांधी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि काश उन्हें भी ऐसी ही मृत्यु प्राप्त होती, जिसमें वे हजारों लोगों की जान बचाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर पाते। गांधी जी ने यह भी माना था कि स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री पद के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी प्रमुख दावेदार होते।
सांसद रमेश अवस्थी ने मांग की कि उनकी शहादत स्थली का सुंदरीकरण कर वहां भव्य स्मारक और स्मृति वाटिका बनाई जाए। साथ ही ‘प्रताप प्रेस’ को विकसित कर राष्ट्रीय पत्रकारिता संग्रहालय बनाया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से प्रेरणा ले सके।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और लोकसभा परिसर में भी गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा स्थापित की जाए। उनका जीवन और बलिदान देश के लिए प्रेरणास्रोत है, इसलिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।

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