उन्नाव जिले से गुजरने वाले कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर स्थित गंगा रेलवे पुल पर 2 अप्रैल से मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने पुल पर जर्जर हो चुके टर्फ (पटरी संरचना) को बदलने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलकर्मी लगातार ट्रैक को दुरुस्त करने के कार्य में जुटे हुए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गंगा पुल देश के व्यस्त रेल मार्गों में से एक है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। लगातार उपयोग और मौसमी प्रभावों के कारण ट्रैक के कुछ हिस्सों में घिसाव और कमजोरी पाई गई थी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जर्जर टर्फ को बदलने का निर्णय लिया गया है।
मेगा ब्लॉक से पहले डाउन लाइन पर स्लीपर पैकिंग का कार्य पूरा किया गया है। रेल कर्मियों ने ट्रैक के नीचे गिट्टी को व्यवस्थित कर स्लीपरों को मजबूत आधार प्रदान किया। कर्मचारियों ने बताया कि इससे ट्रेनों के गुजरते समय स्लीपरों में उछाल नहीं आएगा और यात्रियों को झटके महसूस नहीं होंगे। इस प्रक्रिया से ट्रैक की स्थिरता बढ़ेगी और ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित होगा।
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम लगातार पुल और ट्रैक का निरीक्षण कर रही है। मेगा ब्लॉक के दौरान पुराने टर्फ को हटाकर नए और मजबूत संरचनात्मक हिस्से लगाए जाएंगे। इस कार्य के कारण कुछ ट्रेनों के संचालन पर आंशिक प्रभाव पड़ सकता है, जिसके लिए रेलवे जल्द ही संशोधित समय सारिणी जारी करेगा। यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है। मरम्मत और बदलाव का कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक की क्षमता और स्थायित्व में सुधार होगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु और सुरक्षित हो सकेगी।

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