शहर में सेवा और संस्कारों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। नवंबर माह में आयोजित होने वाले ‘सेवा मेला’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रविवार सुबह 11 बजे आरएसएस के कारवालो नगर कार्यालय में फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर रणनीति बनाई। इस मेले का मुख्य उद्देश्य समाज की उन संस्थाओं को एक मंच देना है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक पारिस्थितिकी के लिए जमीन पर काम कर रही हैं। संस्कारों वाली ‘सोशल इकोलॉजी’ पर जोर बैठक में फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत कोठारी ने बताया कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोड़ने का अभियान है। अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री एस. गुरुमूर्ति की अवधारणा को आधार बनाकर इस बार बच्चों में संस्कारों की स्थापना और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर खास फोकस रहेगा। फाउंडेशन का मानना है कि समाज में चल रही सकारात्मक गतिविधियों को इस मेले के जरिए विस्तार दिया जाएगा। डिजिटल प्रेजेंटेशन से समझा मेले का मॉडल कार्यक्रम के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के संयोजक अमरनाथ ने स्क्रीन पर देश के अन्य हिस्सों में हुए पिछले आयोजनों की झलकियां दिखाईं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि कानपुर में इस आयोजन को किस तरह भव्य बनाया जाना है। तैयारियों को धार देने के लिए कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टोलियां बनाई गई हैं और सभी को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक में शहर के कई प्रबुद्ध वर्ग और शिक्षा जगत से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। महानगर संयोजक नर्वेंदु शुक्ला ने अतिथियों का परिचय कराया। इस दौरान आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित, महानगर अध्यक्ष संजीव दीक्षित, डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी, विपिन शुक्ल, आदित्य पोतदार, शैलजा रावत, भानु प्रताप, अशोक शुक्ला, चंद्रदीप सिंह, चंद्र प्रकाश पांडेय, प्रमोद पांडेय, नीतू, रेखा शुक्ला,प्रभाकर उपाध्याय, विनय तिवारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला कार्यकर्ताओं ने भी आगामी आयोजन की रूपरेखा में सक्रिय भागीदारी निभाई।

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