नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बुधवार को सीएम ग्रिड रोड के अंतर्गत बन रही सड़कों व विकास कार्यों का निरीक्षण किया। गुरुदेव चौराहे से चिड़ियाघर तक के निरीक्षण के दौरान बेरिकेट न लगने व समय से काम न होने पर नगर आयुक्त भड़क गए। उन्होंने मुख्य अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि तत्काल प्रभाव से फर्म मेसर्स एसएस इन्फ्राजोन प्रालि को बेरीकेट न लगाने के सम्बन्ध में 11 लाख का अर्थदण्ड व जुर्माना आरोपित किया जाए। जोनल अभियन्ता-6 को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जाए। इसके अलावा बगिया क्रॉसिंग कल्याणपुर से केसा तक की रोड 15 जून से शुरू होने की बात कही। नगर आयुक्त को मिली खामियां गुरूदेव चौराहे से चिड़ियाघर तक सीएम ग्रिड योजनान्तर्गत दूसरे चरण में स्वीकृत लागत 31.02 करोड़ रुपए के विकास एवं उन्नयन कार्य का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पूरे मार्ग पर एक या दो जगह ही बेरीकेट दिखाई दिया। जोनल अभियन्ता आरके ने बताया कि यह सड़क 2700 मीटर लम्बी है। नगर आयुक्त ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि सभी कार्यो की डेड लाइन पूर्ण होने वाली है, परन्तु कार्य की गति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कार्य पूर्ण होने में कम से कम एक वर्ष का समय लग जाएगा। 2700 मीटर की सड़क में अभी तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं है, जिसे पूर्ण कहा जाए। फुटपाथ कार्य भी पूरा नहीं है। चिड़ियाघर की ओर अतिक्रमण भी अभी तक नहीं हटाया गया है। जलनिगम का काम भी अधूरा है। राहगीरों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैरिकेड भी नहीं लगे हुए हैं। जबकि कार्ययोजना में धनराशि बेरीकेट के लिए दी गई है। कार्यस्थल पर टेस्टिंग लेब स्थापित नहीं पाई गई। मिट्टी व मलबा काफी मात्रा में फैला हुआ पाया गया। बगिया क्राॅसिंग वाली रोड पर काम संतोषजनक मिला सीएम ग्रिड योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में स्वीकृत ‘जोन 06 अन्तर्गत बगिया क्राॅसिंग कल्यानपुर से केसा ऑफिस तक सड़क निर्माण व सुद्ढीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। यहं पर काम की प्रगति संतोषजनक पाई गई। जोनल अभियन्ता ने बताया कि यां पर एक साइट पर सभी कार्य, सीवर लाइन, पेयजल लाइन, स्टॉम वॉटर लाइन का पूर्ण हो चुका है। ग्रीनबेल्ट का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, मात्र प्लास्टर का कार्य अवशेष है। 15 जून, 2026 तक सारे कार्य पूर्ण हो जाएंगे। इसके बाद यह यातायात के लिए प्रारम्भ हो जाएगा। नगर आयुक्त की ओर से निर्देशित किया गया कि अंतिम चरण के कार्यों में तेजी लाई जाए। ग्रीनबेल्ट पर प्लास्टर के बाद प्रत्येक कट पर बाउण्ड्रीवाल पर गेट या बंद करने की कार्रवाई की जाए। परमिया नाला पहुंचे नगर आयुक्त गंगा बैराज स्थित परमिया नाले पर उप्र जलनिगम की ओर से बनाया गया 3.5 एमएलडी एसपीएस व बगल में बह रहे नाले का निरीक्षण किया गया। चीफ इंजीनियर ने बताया कि यह नाला इस क्षेत्र का सबसे महत्वूपर्ण नाला है। इस नाले में मैनावती मार्ग, ज्यौरा, ख्यौरा, मकड़ीखेडा एवं कल्याणपुर क्षेत्र का पानी आता है। इसमें मुख्य समस्या यह है कि जल निगम की ओर से इसको बनाते समय इसके गेट के बेस को लगभग 1.50 मीटर ऊपर कर दिया, जिसके कारण बरसात के समय पानी का बहाव धीमा होने के कारण पानी बैक हो जाता है। नगर आयुक्त ने कहा कि इस सम्बंध में जल निगम के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर ली जाए। स्थिति से अवगत कराते हुए आगे की कार्रवाई करने को कहा है।

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