कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वेटलैण्ड समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और नदी पुनरुद्धार को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को वर्ष 2026-27 में 50,27,193 पौधों के रोपण लक्ष्य को गंभीरता से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी स्थलवार कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को भेजे। इसके अलावा, लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने हर माह की 25 तारीख तक जीवितता (survival) रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रेषित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि उनकी सफलता और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में पाण्डु नदी को पुनरुद्धार के लिए चयनित किया गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में समय से भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों में जाने वाले औद्योगिक अपशिष्ट पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। साथ ही, नगर निकायों के नालों का जैविक उपचार (bio-treatment) कर ही पानी नदी में छोड़ने को अनिवार्य किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि स्कूलों में प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिला गंगा समिति के कार्य समयबद्ध तरीके से संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

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