छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के छात्रों के लिए अब करियर की नई राहें खुलने वाली हैं। यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग और महाराष्ट्र के ‘नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ’ के बीच एक बड़ा समझौता (MoU) हुआ है। इस समझौते के तहत अब कानपुर के उभरते कलाकार मुंबई, पुणे और गुजरात जैसे बड़े कला केंद्रों में जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे। देश के बड़े शहरों में सीखेंगे बारीकियां इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा छात्रों के प्रैक्टिकल नॉलेज को मिलेगा। अब तक छात्र जो हुनर क्लासरूम में सीख रहे थे, उसे अब बड़े प्लेटफॉर्म पर आजमाने का मौका मिलेगा। MoU के मुताबिक, चयनित छात्रों को कानपुर से बाहर भेजकर वहां की क्षेत्रीय कलाओं और आधुनिक आर्ट फॉर्म्स को करीब से देखने और सीखने का अवसर दिया जाएगा। इससे छात्रों के क्रिएटिव स्किल्स और प्रोफेशनल नेटवर्क में काफी सुधार होने की उम्मीद है। तीन दिनों तक सजी रही कला की महफिल यूनिवर्सिटी में 23 से 25 मार्च तक तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान कैंपस का माहौल पूरी तरह कलात्मक नजर आया। इस वर्कशॉप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिग्गज कलाकारों ने शिरकत की। केरल की स्वतंत्र कलाकार मिनी सुबोध, इंद्रा चंद्रशेखर, वैशाली मोरे और स्मिता भामरे जैसे कलाकारों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और पेंटिंग की नई तकनीकें सिखाईं। रोजगार और अनुभव के खुलेंगे द्वार इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने बताया कि इस तरह के समझौतों से संस्थान और छात्र दोनों को नई पहचान मिलती है। दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं कार्यक्रम आयोजक सुधीर एस. सोलंकी ने कहा कि उनकी संस्था लगातार देश के विभिन्न संस्थानों में इस तरह के रचनात्मक और शैक्षिक आयोजन करती रहती है ताकि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा सके। इस खास मौके पर संस्थान के वरिष्ठ शिक्षक और फैकल्टी मेंबर्स मौजूद रहे। इनमें प्रो. शुभम शिवा, सहायक प्रोफेसर जे. बी. यादव, डॉ. राज कुमार सिंह, तनीषा वधावन, डॉ. बप्पा माजी, विनय सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. मंतोष यादव और कीर्ति वर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने इस पहल को छात्रों के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया।

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