कल्यानपुर कांड की जांच सुल्तानपुर से अयोध्या पुलिस को ट्रांसफर:नए विवेचक ने पूर्व मंत्री के भाई पर धाराएं हटाने की अर्जी दी
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कल्यानपुर कांड की जांच सुल्तानपुर से अयोध्या पुलिस को ट्रांसफर:नए विवेचक ने पूर्व मंत्री के भाई पर धाराएं हटाने की अर्जी दी
कल्यानपुर कांड की विवेचना सुलतानपुर से अयोध्या पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई है। अयोध्या के रुदौली थाने के निरीक्षक संजय मौर्य को इस मामले का नया विवेचक नियुक्त किया गया है। नए विवेचक ने पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री के भाई अजय प्रताप सिंह पर लगी कई धाराओं को हटाने और रिमांड परिवर्तित करने के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अभियोजन पक्ष के निजी अधिवक्ता संतोष पाण्डेय ने विवेचक की अर्जी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने लगी धाराओं को उचित बताते हुए विवेचक के आवेदन को निरस्त करने की मांग की। जांच से संबंधित संपूर्ण अभिलेखों के अभाव में शनिवार को सीजेएम कोर्ट में रिमांड पर सुनवाई बाधित रही। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने नए विवेचक की अर्जी पर सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तारीख तय की है। उन्होंने विवेचक को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है। यह मामला अखंडनगर थाने के कल्यानपुर निवासी जिलाजीत यादव द्वारा 15 मार्च को दर्ज कराए गए मुकदमे से संबंधित है। आरोप है कि जमीनी विवाद को लेकर स्थानीय थाने के रतनपुर मैरवा निवासी पूर्व राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह और अन्य नामजद व अज्ञात साथियों ने पिस्टल, रिवाल्वर और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया और फायरिंग की। इस घटना में वादी पक्ष के लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत प्रताप सिंह और उनके भाई अजय प्रताप सिंह सहित लगभग डेढ़ दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। शेष अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन पर इनाम भी घोषित किया गया है। आरोपी अजय प्रताप सिंह और अभिषेक प्रताप सिंह की जमानत शनिवार को जिला जज कोर्ट से मंजूर हो गई है। हालांकि, दो अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई अभी लंबित है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
