श्रमिकों के कल्याण, प्रशिक्षण और अधिकारों की सुरक्षा को लेकर जिले में एक बड़ी और दूरगामी पहल की जा रही है। माझा प्रखंड के छवही गांव में करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक लेबर भवन का निर्माण किया जाएगा। यह भवन न केवल जिले के श्रमिकों के लिए एक स्थायी सुविधा केंद्र बनेगा, बल्कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रमुख माध्यम होगा। भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह लेबर भवन भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक अधिनियम’ के तहत बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले के पंजीकृत एवं अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को एक ही स्थान पर प्रशिक्षण, जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस भवन के निर्माण से श्रमिकों को न केवल अपने अधिकारों की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे। प्रस्तावित लेबर भवन में करीब दो हजार मजदूरों के प्रशिक्षण की एक साथ व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए बड़े और आधुनिक प्रशिक्षण हॉल का निर्माण होगा, जहां कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रमिकों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल सुविधा, शौचालय, प्रतीक्षालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन को आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण और कार्यक्रमों के संचालन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। लेबर भवन को श्रमिकों के लिए एक वन-स्टॉप सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रमिकों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सामूहिक जानकारी दी जाएगी। इनमें बच्चों की शिक्षा सहायता योजना, मातृत्व लाभ योजना, विवाह सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, टूलकिट के लिए अनुदान, कौशल प्रशिक्षण और श्रमिकों के लिए आवास निर्माण में दी जाने वाली सब्सिडी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इससे श्रमिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और एक ही स्थान पर उन्हें मार्गदर्शन व सहायता मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह लेबर भवन जिले के श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। खासकर निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूर, जो अक्सर जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, उन्हें इस केंद्र से सीधा लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से श्रमिकों की दक्षता बढ़ेगी, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे और उनकी आय में भी वृद्धि होगी।प्रशासन का मानना है कि लेबर भवन के निर्माण से जिले में श्रमिक कल्याण की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। यह भवन न केवल प्रशिक्षण और सुविधा का केंद्र बनेगा, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी होगा। आने वाले समय में यह लेबर भवन जिले के श्रमिकों के लिए उम्मीद और भरोसे का नया केंद्र बनकर नए साल की उम्मीद लेकर आया है।
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