भास्कर न्यूज | तारडीह प्रखंड के तारडीह गोठ गांव में एक ही परिसर में संचालित राजकीयकृत मध्य विद्यालय व प्लस टू उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। मध्य एवं उच्च विद्यालय के नाम पर कुल 19 कट्ठा जमीन उपलब्ध होने के बावजूद आज प्लस टू विद्यालय के 400 से अधिक छात्र मात्र दो कमरों और खुले परिसर में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय को 10 जनवरी से शुरू होने वाली इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र पर प्रखंड कैथवार,ककोढा़ सहित मनीगाछी और बेनीपुर प्रखंड के कुछ विद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रैक्टिकल परीक्षा देने पहुंचेंगे। उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में दो भवनों का नवनिर्माण कराया गया है। पूर्व से मौजूद दो मंजिला भवन में आठ कमरे हैं तथा पास में दो अन्य कमरे बने हैं, कुल मिलाकर 10 कमरे उपलब्ध हैं। आरोप है कि ठंड की छुट्टी के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक रंजय कुमार मल्लिक द्वारा भवन पर लिखे उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तारडीह गोठ के नाम को मिटाकर राजकीयकृत मध्य विद्यालय तारडीह गोठ लिखवा दिया गया। इसी पर विवाद गहराया। कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए मात्र दो कमरे उपलब्ध कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए मात्र दो कमरे उपलब्ध हैं। कक्षा 9 में 92, कक्षा 10 में 161, कक्षा 11 में 70 और कक्षा 12 में 98 छात्र नामांकित हैं। इसके अलावा पूर्ववर्ती मैट्रिक और इंटर के 70 से अधिक छात्र भी हैं। कुल 400 से अधिक छात्रों को ठंड के मौसम में स्कूल परिसर के खुले कंपाउंड में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आवश्यक कार्रवाई होगी : बीईओ बीईओ शैलेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि राजकीयकृत मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीयकृत मध्य विद्यालय तारडीह गोठ लिखे गए नाम को हटाकर पुनः उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तारडीह गोठ लिखा जाएगा।साथ ही भवन और कक्षा संचालन से जुड़ी अन्य पहलुओं पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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