लखीमपुर खीरी के सैदापुर देवकली गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन पर कब्रिस्तान की जमीन से बिना अधिग्रहण सड़क बनाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, पड़ोसी ग्राम सभा सैदापुर भाऊ में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो चुका है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए प्रशासन ने सैदापुर भाऊ की कई गाटा संख्याओं का अधिग्रहण भी किया है।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निकालने के लिए प्रशासन अधिग्रहित भूमि की बजाय राजस्व ग्राम सैदापुर देवकली की गाटा संख्या 750 से रास्ता बनाने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गाटा संख्या 750 राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों को दफनाया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गाटा संख्या 750 के पास ही गाटा संख्या 449 बंजर भूमि के रूप में दर्ज है, जिसके बाद सैदापुर भाऊ की सीमा शुरू होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 750 का किसी भी प्रकार से अधिग्रहण नहीं किया गया है। इसके बावजूद वहां से सड़क निकालना कानूनन गलत है और इससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कब्रिस्तान की जमीन से सड़क निर्माण की योजना को रोका जाए। उन्होंने अधिग्रहित भूमि से ही मार्ग बनाने का आग्रह किया है।

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