14 साल पहले 4 बार कोर्ट के आदेश के बाद मकान खाली कराने पहुंची हनुमंत विहार पुलिस को देख भवन स्वामी भड़क गया। पुलिस को देख युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क आग लगा ली, इसके बाद घर के पास गुजर रही नहर में छलांग लगा दी। यह देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में लोगों की मदद से युवक को नहर से निकाल कर उसे कांशीराम अस्पताल भिजवाया, जहां से उर्सला अस्पताल रेफर किया गया। दो दशक पहले 2 लाख का लिया था लोन बौद्ध नगर में राजेश, राकेश, 40 वर्षीय बृजेश उर्फ रामजी और मुकेश रहते हैं। चारो भाई अविवाहित भाई है। पिता आदित्य व मां रानी का निधन हो चुका है। हनुमंत विहार थाना प्रभारी ने बताया कि उनके पिता ने रतनलाल नगर की बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से दो दशक पूर्व दो लाख रुपये का लोन लिया था, जो ब्याज मिलाकर पांच लाख हो गया। रकम न अदा कर पाने पर बैंक ने वर्ष 2009 में मकान की नीलामी कर दी, जिसे घाटमपुर के भीतरगांव शूलपुर निवासी शिवभान की पत्नी मघु सचान ने खरीदा, लेकिन वह कब्जा नहीं ले सके। इस पर मधु ने कोर्ट में केस कर दिया था। वर्ष 2012 से 2026 के बीच कोर्ट 4 बार कब्जा दिलाने का आदेश कर चुकी है, लेकिन पुलिस कब्जा नहीं दिला सकी थी। कोर्ट ने अपनाया था सख्त रुख जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए हनुमंत विहार थाना प्रभारी के खिलाफ मुकदमा (प्रकीर्णंवाद) दर्ज करने के आदेश दिए थे। साथ ही कोर्ट ने पूछा था कि आखिर अब तक आदेश का पालन क्या नहीं किया गया, कोर्ट ने थाना प्रभारी को 28 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। इसी कड़ी में शुक्रवार शाम पुलिस कब्जा दिलाने पहुंची, इसपर रामजी ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगा ली, इसके बाद नहर में कूद गया। पुलिस ने नहर से निकलवा कर कांशीराम भेजा, वहां से उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोर्ट के आदेश का पालन कर कब्जा दिला दिया गया है। वहीं रामजी के भाई राजेश, राकेश ने बताया कि शुक्रवार देर शाम पुलिस पहुंची, तब सभी भाई ताला बंद कर रिश्तेदार के घर गए थे। जब मौके पर पहुंचे तो पुलिस मेन गेट का ताला तोड़ घर का सारा सामान लोडर में भरवा चुकी थी। पुलिस से निवेदन किया, लेकिन उसने नहीं सुना, इसपर भाई ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगा ली।

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