मेरठ के बहुचर्चित कपसाड़ प्रकरण में बोर्ड ने अब आरोपी का हाईस्कूल से जुड़ा रिकार्ड तलब किया है। आरोपी ने गांव के ही एक इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। 4 अप्रैल को स्कूल के प्रधानाचार्य को रिकार्ड के साथ बुलाया गया है। जानिए क्या है कपसाड़ मामला
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। यहां 8 जनवरी को दलित महिला सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। आरोप गांव के ही दूसरे समाज के युवक पर लगे, जिस कारण गांव में तनाव बढ़ता चला गया। पुलिस ने दो दिन के भीतर दोनों को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल और युवती को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिग
आरोपी के जेल जाने के बाद खुलासा हुआ कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। तीन एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम और विजय शर्मा ने आरोपी का केस लड़ने का फैसला किया। तीनों ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। एक माह बाद मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर
10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखीं। आरोपी पक्ष को सफलता मिली और केस 9 फरवरी को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि उम्र निर्धारण का पेच अभी भी फसा है। अब 4 अप्रैल की तिथि हुई निर्धारित
वादी की तरफ से जिरह की अनुमति मांगी गई थी। प्राइमरी टीचर वीरेंद्र कुमार से यह जिरह हुई। एक के बाद एक कई सवाल पूछे गए, जिनके वीरेंद्र कुमार द्वारा जवाब दिए गए। बताया जाता है कि कई जवाबों पर वादी पक्ष ने आपत्ति की। इसके बाद बोर्ड ने 23 मार्च को वीरेंद्र कुमार को रिकार्ड के साथ तलब किया। 24 को इससे जुड़ी सुनवाई पूरी हुई और बोर्ड ने 4 अप्रैल की अगली तिथि निर्धारित कर दी। कपसाड़ मामला एक नजर – 8 जनवरी को आरोपी ने मां की हत्या कर युवती को अगवा किया।
– 9 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लिया।
– 10 जनवरी को आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
– 14 जनवरी को तीन एडवोकेट ने हाईस्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ आरोपी की तरफ से याचिका दायर की।
– 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए।
– 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया।
– 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं करा पाया। कोर्ट ने 4 फरवरी तारीख दी।
– 4 फरवरी को वादी ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी आरोपी की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही मिली।
– 7 फरवरी को कक्षा चार का सर्टिफिकेट लाने की मांग की लेकिन ला नहीं पाए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
– 9 फरवरी को कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया।
– 18 फरवरी से जेजे बोर्ड में सुनवाई जारी है।
– 23 मार्च को प्राइमरी के टीचर को रिकार्ड के साथ तलब किया गया।
– 24 मार्च को वादी और प्रतिवादी पक्ष में जिरह चली।
– 4 अप्रैल की अगली तारीख लगी है, जिसमें हाईस्कूल का रिकार्ड मंगाया गया है।

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