कपसाड़ मामले में जेजे बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज कराने वाले प्राइमरी टीचर वीरेंद्र कुमार से शुक्रवार को वादी पक्ष के एडवोकेट जिरह करेंगे। वीरेंद्र कुमार ने बोर्ड के समक्ष जो बयान दर्ज कराए थे, उससे वादी संतुष्ट नहीं थे। उनके आग्रह पर ही बोर्ड ने 20 मार्च जिरह के लिए निर्धारित की थी। बताया जाता है कि प्राइमरी टीचर के पास आरोपी की उम्र से जुड़ा कोई मजबूत साक्ष्य नहीं था। पहले जानिए कपसाड़ मामले को
सरधना के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को दलित महिला सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को अगवा किया गया। आरोप गांव के ही दूसरे समाज के युवक पर लगे, जिसने विरोध देख वारदात को अंजाम दिया। गांव में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने दो दिन के भीतर दोनों को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल और युवती को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिग
आरोपी के सलाखों के पीछे जाने के बाद खुलासा हुआ कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। तीन एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम और विजय शर्मा ने आरोपी का केस लड़ने का ऐलान किया। तीनों ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। जेजे बोर्ड में चल रही सुनवाई
10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखीं। आरोपी पक्ष को सफलता मिली और केस 9 फरवरी को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि उम्र निर्धारण का पेच अभी भी फसा है। बोर्ड ने प्राइमरी टीचर को तलब किया
कपसाड़ मामला बेहद संवेदनशील रहा है। वारदात के बाद गांव में लंबे समय तनाव रहा। पुलिस फोर्स को तैनात करना पड़ा था। ऐसे में बोर्ड भी मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में दिखाई नहीं पड़ता। इसी के चलते 10 मार्च को बोर्ड ने आरोपी की जन्मतिथि निर्धारित करने के लिए उसके प्राइमरी के दस्तावेज भी तलब कर लिए। प्राइमरी टीचर ने दर्ज कराए बयान
17 मार्च को प्राइमरी टीचर वीरेंद्र कुमार जेजे बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए पेश हुए थे। उनके बयान दर्ज होने के बाद वादी ने प्राइमरी टीचर से जिरह की अनुमति मांगी थी। इसके बाद बोर्ड ने जिरह के लिए 20 मार्च का समय निर्धारित कर दिया था। जानिया कब क्या हुआ कपसाड़ में :
– 8 जनवरी को आरोपी ने मां की हत्या कर युवती को अगवा किया।
– 9 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लिया।
– 10 जनवरी को आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
– 14 जनवरी को तीन एडवोकेट ने हाईस्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ आरोपी की तरफ से याचिका दायर की।
– 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए।
– 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया।
– 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं करा पाया। कोर्ट ने 4 फरवरी तारीख दी।
– 4 फरवरी को वादी ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी आरोपी की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही मिली।
– 7 फरवरी को कक्षा चार का सर्टिफिकेट लाने की मांग की लेकिन ला नहीं पाए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
– 9 फरवरी को कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया।
– 18 फरवरी को जेजे बोर्ड में सुनवाई शुरु। वादी पक्ष ने उम्र का मुद्दा उठाया।
– 25 फरवरी को बोर्ड के समक्ष प्रतिवादी पक्ष ने अपोज किया।
– 6 मार्च उम्र निर्धारण को तय हुई लेकिन हो ना सकी।
– 7 मार्च को आरोपी की पुलिस कस्टिडी रिमांड मंजूर की गई।
– 8 मार्च को आठ घंटे पुलिस आरोपी को लेकर घूमती रही लेकिन हथियार नहीं मिला।
– 10 मार्च को बोर्ड ने प्राइमरी के दस्तावेज अगली सुनवाई यानि 17 मार्च को मंगाए जाने के आदेश दिए।
– 17 मार्च को प्राइमरी स्कूल के टीचर ने बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज कराए।

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