कन्नौज के पीएसएम पीजी कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 103 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। जिले के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सभी 103 जोड़ों को वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। इन जोड़ों में मुस्लिम समुदाय के दो जोड़े भी शामिल थे, जिनका निकाह पढ़ा गया। अपने संबोधन में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच विश्वास, प्रेम और संस्कारों का अटूट बंधन है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों से आपसी समझ और सम्मान के साथ जीवन की नई यात्रा शुरू करने का आह्वान किया। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आधार से जोड़कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ सुनिश्चित करना है, जिससे निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को सशक्त सहारा मिल सके। उन्होंने सरकार के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला, जिसमें प्रत्येक युवा को स्वावलंबी बनाना शामिल है। मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़ने तथा ‘सीएम युवा उद्यमी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिला समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्रा ने योजना की वित्तीय जानकारी देते हुए बताया कि प्रति जोड़े पर 1,00,000 रुपये की धनराशि व्यय की जाती है। इसमें 60,000 रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं, जबकि 25,000 रुपये की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है। शेष 15,000 रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वैशाली, ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया सहित वर-वधू के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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