कटिहार के प्राणपुर प्रखंड अंतर्गत जला हरे रामपुर गांव में दबंगों की कथित मनमानी ने 18 किसान परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। गांव के किसानों की करीब 90 बीघा जमीन में लगी मक्का की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है। किसानों का आरोप है कि जानबूझकर खेतों तक जाने वाले पानी के प्राकृतिक रास्ते को बंद कर दिया गया है, जिससे सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है। समय पर पानी नहीं मिलने के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल सूखने लगी है और उत्पादन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पानी का रास्ता बंद, खेत तक पहुंचने से भी रोका पीड़ित किसानों ने बताया कि दबंगों ने सिर्फ पानी का रास्ता ही नहीं रोका, बल्कि खेतों तक जाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली नाव पर भी उन्हें चढ़ने से मना कर दिया जा रहा है। इलाके की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि नाव के बिना खेतों तक पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में किसान न तो अपनी फसल की देखरेख कर पा रहे हैं और न ही सिंचाई की व्यवस्था कर पा रहे हैं। कई किसानों ने कहा कि मक्का की फसल अब अंतिम चरण में है, अगर जल्द पानी नहीं मिला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। प्रशासन से लगाई गुहार, कार्रवाई नहीं किसानों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। आवेदन में पानी का रास्ता खुलवाने और दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि, किसानों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कार्रवाई नहीं होने से किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा है। उनका कहना है कि फसल बर्बाद होने की स्थिति में उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। भारतीय किसान संघ के बैनर तले सड़क जाम प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने आजमनगर प्रखंड के कॉलेज चौक, सालमारी में सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के प्रखंड मंत्री रावण सिंह ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। एक घंटे तक ठप रहा यातायात सड़क जाम के कारण सालमारी–आजमनगर मुख्य सड़क लगभग एक घंटे तक पूरी तरह बाधित रही। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटकते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों की समस्या गंभीर है, लेकिन सड़क जाम से आम जनता को भी कठिनाई झेलनी पड़ी। पुलिस ने समझा-बुझाकर हटवाया जाम सड़क जाम की सूचना मिलते ही सालमारी थाना के पुलिस पदाधिकारी निपुण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। आश्वासन के बाद पुलिस के समझाने-बुझाने पर किसानों ने सड़क जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रशासनिक हस्तक्षेप कर खेतों तक पानी का रास्ता नहीं खोला गया और फसल को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। भारतीय किसान संघ के नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ी तो जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि यह सिर्फ उनकी फसल का सवाल नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य और जीविका से जुड़ा मुद्दा है। जला हरे रामपुर गांव की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जल संसाधनों पर कब्जे और कमजोर किसानों के अधिकारों के हनन की ओर इशारा करती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या समय रहते किसानों की फसल को बचाया जा सकेगा।
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