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औरंगाबाद में पत्नी ने माता-पिता से कराई पति की हत्या:शराब पिलाकर पेड़ से लटकाई लाश, मृतक का भाई बोला- अक्सर हत्या की धमकी देते थे

औरंगाबाद एक महिला ने आपसी विवाद में अपने ही पति की हत्या करा दी। घटना बुधवार की है। आरोपी महिला के पति का शव उसके घर से 200 मीटर दूर 18 फरवरी को एक बागीचे में पेड़ से लटका पाया गया था। मामले की जानकारी के बाद घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के भाई ने इसे हत्या बताया था। पुलिस ने जांच पड़ताल में मृतक के भाई के आरोपों को सही पाया। हत्याकांड का 48 घंटे के अंदर खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, सास-ससुर, साला समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शनिवार को बयान और विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी सदर एसडीपीओ तो चंदन कुमार ने दी है। घटना देव थाना क्षेत्र के बेलसारा टोला भुइया बिगहा गांव की है। मृतक की पहचान 22 साल के रंजीत कुमार के रूप में थी। मृतक रंजीत देव थाना क्षेत्र के एरौरा के महुआ दोहर का रहने वाला था। घटना से 15 दिन पहले ही मृतक रंजीत के पिता मुनारिका रिकियासन की मौत हुई थी। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला क्या है? पेशे से मजदूर रंजीत 16 फरवरी को अपनी पत्नी, सास और दो सालों के साथ अपने ससुराल गया था। दो दिन के बाद रंजीत के ससुराल के कुछ लोगों ने उसके बड़े भाई को कॉल कर बताया कि तुम्हारे भाई की पेड़ से लटकी लाश मिली है। जानकारी के बाद रंजीत का बड़ा भाई जितेंद्र घटनास्थल पर पहुंचा। उसने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि मेरे भाई की उसके ससुरालवालों ने हत्या कर दी है। वारदात में रंजीत की पत्नी, सास, ससुर और तीनों साले शामिल है। मृतक के भाई की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पकड़े गए लोगों में मृतक की पत्नी प्रियंका कुमारी, सास चांदमुनि देवी, ससुर गणेश रिकीयासन, साला मुन्ना रिकीयासन सहित ग्रामीण शिव शंकर पासवान, पिंटू भुइयां, हरेराम भुइयां और कुंदन भुइयां शामिल है। शनिवार को बयान और विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी सदर एसडीपीओ तो चंदन कुमार ने दी है। एसपी अंबरीश राहुल के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसडीपीओ सदर-2 चंदन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम देव थानाध्यक्ष सौरव कुमार के अलावा अन्य पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया था। टीम शामिल अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच तेज की। मात्र 48 घंटे के भीतर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। मृतक रंजीत के भाई ने पुलिस को आवेदन में क्या लिखा था? जितेन्द्र भुइयां ने 19 फरवरी को पुलिस को दिए आवेदन में लिखा था कि 2 साल पहले उसके छोटे भाई रंजीत की शादी देव थाना क्षेत्र के ही बेलसारा के रहने वाले गणेश भुइयां की बेटी 19 साल की प्रियंका से हुई थी। जितेंद्र ने बताया कि शादी के बाद से ही प्रियंका कुमारी बिना किसी वजह के मेरे भाई रंजीत से झगड़ा करती थी और बिना कुछ बताए भाग कर अपने मायके चली जाती थी। जितेंद्र के मुताबिक, हर बार रंजीत और उसके परिजन समझौता करके प्रियंका को घर लाते थे। 28 जनवरी 2026 को रंजीत के पिता की मृत्यु हो गई। 10 फरवरी को रंजीत के पिता मुनारिका रिकियासन का श्राद्ध कार्यक्रम था। प्रियंका कुमारी अपनी मां चनमुनिया देवी के साथ श्राद्ध कार्यक्रम में ससुराल आई थी। श्राद्ध कार्यक्रम के 6 दिन बाद यानी 16 फरवरी को प्रियंका अपनी मां चनमुनिया देवी अपने दोनों बेटों के साथ रंजीत को अपने साथ लेकर बेलसारा चली गई। 18 फरवरी को बेलसारा के गांव के लोगों की ओर से जानकारी मिली कि रंजीत की हत्या कर दी गई है। जितेंद्र ने बताया कि मैं तुरंत अपने परिवार के साथ बेलसारा पहुंचा तो देखा की मेरे भाई रंजीत कुमार का शव गांव से कुछ दूरी पर पेड़ से लटका हुआ है। मेरे भाई के शरीर पर मारपीट और गले में रस्सी का निशान था। मृतक का भाई बोला- पत्नी समेत ससुराल के लोग हत्या की धमकी देते थे जितेंद्र ने बताया कि रंजीत को उसकी पत्नी प्रियंका कुमारी, उसके पिता गणेश भुइयां, मां चनमुनिया देवी, भाई मुन्ना भुइयां, चुन्ना भुइयां, चिंटू भुइयां हमेशा जान से मारने की धमकी देते रहते थे। उन्होंने पुलिस से कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि सभी ने मिलकर मेरे भाई रंजीत की हत्या की है। अब जानिए, पुलिस जांच में मृतक की पत्नी ने क्या बताया? देव थाना अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि रंजीत अपनी पत्नी प्रियंका के साथ ससुराल जा रहा था। रास्ते में किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद रास्ते में ही रंजीत ने अपनी पत्नी प्रियंका की पिटाई कर दी। प्रियंका की पिटाई के बाद रंजीत के ससुराल वाले गुस्सा हो गए। प्रियंका, उसकी मां, पिता, तीनों भाइयों ने मिलकर रंजीत की हत्या की साजिश रची। 17 फरवरी की शाम को प्रियंका के भाई रंजीत को शराब पिलाने के बहाने गांव के बाहर बगीचे में ले गए। जहां गांव के ही कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे। शराब पिलाने के बाद सभी ने पहले रंजीत की पिटाई की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। रंजीत के बेल्ट से ही फंदा बनाकर उसकी लाश को पेड़ से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। आरोपों के बाद पूछताछ में प्रियंका का बयान संदिग्ध लगा थाना अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस जब मामले की शुरू की तो पत्नी का बयान संदिग्ध लगा। उसने पुलिस को बताया कि जब उसका पति रंजीत उसके साथ मारपीट करने लगा तो वह दूसरे गांव में किसी व्यक्ति के घर रात भर रुक गई थी। जब पुलिस घटना के सत्यापन के लिए प्रियंका की ओर से बताए गए व्यक्ति के पास पहुंची तो उसने बताया कि वह यहां आई थी लेकिन 5 मिनट के बाद फिर अपने घर चली गई थी। इसके बाद पुलिस का संदेह विश्वास में बदल गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर उसे पूछताछ शुरू कर दिया। पहले तो उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया लेकिन जब पुलिस ने थोड़ी सख़्ती दिखाई तो उसने घटना की सिलसिले वार जानकारी पुलिस को दी। उसके निशानदेही पर ही सभी लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


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