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औरंगाबाद में दो साढ़ू के बीच मारपीट, एक की मौत:साला के नहीं रहने पर ससुराल में एक बीघा जमीन का झगड़ा, पांच दिन पहले हुई मारपीट

औरंगाबाद में ससुराल की एक बीघा जमीन को लेकर झगड़ा हुआ। पांच दिन पहले 15 फरवरी को 2 साढ़ू के बीच मारपीट हुई थी। इसमें गंभीर रूप से घायल 48 साल के नकुल महतो की आज मौत हो गई। मामला बारुण थाना क्षेत्र के सिरिस टोले हेतमपुर गांव का है। मृतक की पहचान भागवत महतो के बेटे नकुल महतो के रूप में हुई है। हालांकि उनका पैतृक गांव कंचनपुर है, लेकिन वे पिछले कई साल से अपने ससुराल हेतमपुर गांव में ही रह रहे थे। दोनों साढ़ू का हिस्सा था तय शुक्रवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के बेटे प्रदीप कुमार ने बताया कि उसकी मां कलावती देवी दो बहनें हैं और उनका कोई भाई नहीं है। उनके नाना के हिस्से में हेतमपुर गांव में दो बीघा जमीन थी। बड़ी बहन के पति द्वारिक महतो पहले से ही ससुराल में रह रहे थे। बाद में नकुल महतो भी अपने परिवार के साथ वहीं बस गए। दो बीघा जमीन में दोनों साढ़ू का एक-एक बीघा हिस्सा तय था। बड़े साढू द्वारिक ने पहले ही बेच दी थी अपने हिस्से की जमीन परिजनों के अनुसार, द्वारिक महतो ने कुछ साल पहले अपने हिस्से की एक बीघा जमीन बेच दी थी। शेष बची एक बीघा जमीन, जो नकुल के हिस्से की बताई जा रही है, उस पर भी द्वारिक कब्जा कर खेती करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत और समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन विवाद सुलझ नहीं सका। अक्सर कहासुनी और मारपीट की नौबत आ जाती थी। 15 फरवरी को नकुल महतो अपने खेत में मूंग की बुआई करने जा रहे थे। जैसे ही वे खेत पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे बड़े साढ़ू द्वारिक महतो, उनके बेटे चंद्रदीप महतो, रामश्रृंगार महतो और चंद्रदीप की पत्नी संध्या देवी समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में नकुल गंभीर रूप से घायल होकर घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए। वाराणसी ट्रामा सेंटर में चला था इलाज घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी ले गए, जहां कुछ दिनों तक इलाज चला। गुरुवार को वे वाराणसी से घर लौटे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई। गुरुवार को वाराणसी से लौटने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत दोबारा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से फिर हायर सेंटर रेफर किया गया। परिजन पटना ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण तत्काल व्यवस्था नहीं हो सकी और वे उन्हें घर ले आए।शुक्रवार की सुबह पटना ले जाते समय रास्ते में ही नकुल महतो ने दम तोड़ दिया। शव को घर लाया गया और घटना की सूचना बारुण थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के परिजन शव से लिपटकर विलाप करते रहे। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। मौत की सूचना मिलते ही घर छोड़ कर भागे आरोपी नकुल की मौत की सूचना मिलते ही सभी नामजद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि हेतमपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हुई है। मृतक के बेटे का लिखित आवेदन मिला हुआ है। आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।


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