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औरंगाबाद में डिलीवरी के बाद महिला और नवजात की मौत:परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप; प्राइवेट अस्पताल का संचालक फरार

औरंगाबाद में डिलीवरी के बाद महिला और नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा। घटना रफीगंज सामुदायिक अस्पताल से 20 मीटर की दूरी पर स्थित एक निजी क्लीनिक का है। मृतका शोभा देवी(20) कासमा थाना क्षेत्र के महुआइन गांव की रहने वाली थी। पति अखिलेश चौधरी ने बताया कि 27 नवंबर को दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा के बाद शोभा को रफीगंज सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां डॉ. लालजी यादव और एक एएनएम ने जांच कर बताया कि सब कुछ सामान्य है। थोड़े समय में प्रसव हो जाएगा। इसके बाद रातभर किसी डॉक्टर या नर्स ने उनकी पत्नी पर ध्यान नहीं दिया। इस दौरान सीएचसी में पदस्थापित आशा कार्यकर्ता ललिता देवी ने परिजनों को यह कहते हुए गुमराह किया कि सरकारी अस्पताल में ठीक से प्रसव नहीं होगा। पास में ही महादेव अस्पताल है, वहां ले चलिए। ऑपरेशन से पहले 30 हजार रुपए मांगे अखिलेश चौधरी ने आगे कहा कि आशा कार्यकर्ता का सुझाव मानकर अगले दिन 28 नवंबर की दोपहर 1:00 बजे महादेव अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉ. महादेव यादव और रिटायर्ड एएनएम राधा देवी ने हालत गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन की बात कही। पहले 30 हजार रुपए जमा कर लिया। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने बताया कि महिला और नवजात दोनों की हालत गंभीर है। डॉक्टर नवजात को अपने साथ कासमा रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां 20 हजार रुपए फिर जमा करने को कहा गया। कुछ देर बाद अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि बच्चे को रेफर करना होगा। परिजन जब बच्चे तक पहुंचे तो वह मृत पाया गया। शव सौंपने के लिए 82 हजार रुपए की डिमांड इधर शोभा देवी की भी हालत लगातार बिगड़ते जा रही थी। डॉक्टर ने एंबुलेंस से गया के एक निजी अस्पताल भेज दिया। जहां से उसे पटना रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे पटना के डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि शोभा की भी मौत हो चुकी है। अस्पताल ने शव सौंपने के लिए 82 हजार रुपए जमा कराने को कहा। महिला और नवजात की मौत की खबर फैलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। रफीगंज में महादेव अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ पूरे मामले में लापरवाह थे और इलाज के नाम पर पैसे ऐंठते रहे। हंगामे के दौरान स्टाफ अस्पताल बंद कर फरार हो गया। गलत इलाज के कारण ही दोनों की मौत हुई है। विधायक मौके पर पहुंचे हंगामे की सूचना पर नवनिर्वाचित विधायक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रफीगंज प्रखंड में अवैध क्लिनिकों का जाल फैला है। सीएचसी के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह अवैध खेल चल रहा है। डीएम से फोन पर बात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मृतका के पति अखिलेश चौधरी ने रफीगंज थाने में डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जांच में जुटी पुलिस प्रशिक्षु डीएसपी सह रफीगंज थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि आवेदन मिला है। जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है।


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