ओडिशा में किसान पदयात्रा पर रोक:नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ जौनपुर में विरोध, मुकदमे वापस लेने और रिहाई की मांग
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ओडिशा में किसान पदयात्रा पर रोक:नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ जौनपुर में विरोध, मुकदमे वापस लेने और रिहाई की मांग
जौनपुर के किसान नेताओं ने ओडिशा में नवनिर्माण संगठन के नेतृत्व में हुई किसान पदयात्रा को बलपूर्वक रोके जाने और नेताओं की गिरफ्तारी के मामले में कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुनील भारती को एक मांग पत्र सौंपा गया। यह घटना 31 मार्च को हुई थी, जब ओडिशा सरकार और पुलिस ने पदयात्रा को रोक दिया था। प्रदेश सचिव राजनाथ यादव ने बताया कि इस दौरान कई किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक दर्जन से अधिक किसान नेताओं पर विभिन्न गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्हें जेल भेज दिया है। किसान संगठन इन मुकदमों को बिना शर्त वापस लेने, गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई और किसानों की अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। किसान लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकारों की कृषि विरोधी नीतियों के खिलाफ संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कृषि भूमि, फसलों और कृषि उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देना और कॉर्पोरेट खेती का विरोध करना शामिल है। किसान संगठनों का आरोप है कि सरकारें और पुलिस लगातार किसान आंदोलनों को दबाने का प्रयास करती रही हैं। वे बताते हैं कि फसल की बर्बादी और बाजार में उचित मूल्य न मिलने के कारण कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं। समस्त किसान संगठनों और जन संगठनों ने इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सभी संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
