बलिया में सुखपुरा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर निवासी 22 वर्षीय कुसुम राजभर की जिराबस्ती स्थित आकाश नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जो दोपहर करीब दो बजे से रात आठ बजे तक चलता रहा। गुस्साए परिजनों ने तीन बार बलिया-सुखपुरा मार्ग जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान अस्पताल गेट पर पथराव भी किया गया। हालात बिगड़ते देख स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरीजों को दो एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल शिफ्ट कराया और नर्सिंग होम को सील कर दिया। पुलिस डॉ. हेमंत कुमार सिंह को अपने साथ थाने ले गई। नवजात को भी परिजनों के साथ जिला अस्पताल भेजा गया। ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, वाराणसी में मौत परिजनों के अनुसार, कुसुम को बुधवार सुबह करीब 10 बजे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। रात करीब 9 बजे ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया, जहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप- पैसे की हो रही थी मांग मृतका की सास सावित्री देवी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन लगातार पैसे की मांग कर रहा था। उन्होंने बताया कि पहले 20 हजार रुपये जमा कराए गए, फिर खून के नाम पर 8 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद 45 हजार रुपये और मांगे जा रहे थे। मृतका की भाभी ने भी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन के बाद नवजात को भी देने से मना किया जा रहा था और पहले पैसे जमा करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने मामले में न्याय की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई तीन सदस्यीय जांच टीम के सदस्य डॉ. अभिषेक मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम ने जांच की। अस्पताल प्रबंधन से ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही सर्जन और सहयोगी स्टाफ के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए अस्पताल के ओटी, वार्ड और ओपीडी को सील कर दिया गया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

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