जिसने जिंदगी बचाना सीखा… उसे जिंदगी से हार माननी पड़ी! सिस्टम के दबाव, अत्याचार और टूटी उम्मीदों की दास्तां… महाराष्ट्र की वो डॉक्टर बेटी… दूसरों की जिंदगी बचाना उसका पेशा था, पर अपनी जिंदगी नहीं बचा सकी. एमडी करने का सपना और सिर पर तीन लाख का कर्ज… होटल में जान देने वाली इस डॉक्टर के हाथों पर लिखे शब्द इंसानियत को झकझोर देने के लिए काफी थे.
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