सुरेंद्र नगर के अटल बिहारी वाजपेई नगर निगम डिग्री कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का तीसरा दिन स्वयंसेवकों के लिए अनुशासन, सेवा और सीखने का अवसर लेकर आया। दिन की शुरुआत सामूहिक योग अभ्यास से हुई, जिसमें युवाओं ने स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इसके बाद स्वयंसेवक इस्माइलगंज गांव पहुंचे। यहां सतुआ तालाब पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। युवाओं ने तालाब के आसपास फैली झाड़ियों और खरपतवार को हटाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की। कम खर्च में क्राफ्ट बनाने के तरीके सिखाए गए सामूहिक सत्र में स्वयंसेवकों को घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं को सजावट के लिए इस्तेमाल करने और कम खर्च में क्राफ्ट बनाने के तरीके सिखाए गए। साथ ही, परिवार की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी पर समूह चर्चा भी हुई, जिसमें युवाओं ने अपने विचार साझा किए। डीडी लाइट इंडस्ट्री की ओर से श्वेता त्रिपाठी ने एक पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया। उन्होंने कपड़ों और कागज पर आकर्षक पेंटिंग बनाने के साथ-साथ रंग तैयार करने के आसान तरीके बताए। श्वेता ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी अब अपने 20-25 प्रतिशत उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात कर रही है। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ पर संवाद भोजन के बाद तीसरे सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर संवाद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है और देश के युवा इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय ने एनएसएस स्वयंसेवकों को सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में कार्यक्रम अधिकारी उपेंद्र कुमार, डॉ. आशा पाल और डॉ. सादिया भी उपस्थित रहे।

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