DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

एक साल में 23,000 अपहरण, सम्राट बोले-शादी के लिए भागे:पुलिस बोली- जाओ, ऐश करके लौट आएगी, 4 बेबस पिता की कहानी; जो खोज रहे बेटी

2024 में बिहार में अपहरण के 19,768 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 14 हजार से अधिक मामले लव-अफेयर और शादी की नीयत से घर से भगाने के हैं। – सम्राट चौधरी, गृह मंत्री, बिहार (12 फरवरी 2026) तुम्हारी बेटी कहीं घूमने गई होगी, जब पैसा खत्म हो जाएगा तो खुद वापस आ जाएगी। – बेगूसराय पुलिस (27 फरवरी 2026) ऊपर के ये 2 बयान उस विभाग और मंत्री के हैं, जिनपर पूरे बिहार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बिहार पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक, करीब डेढ़ हजार से ज्यादा लोग गायब हैं। परिवार वाले सालों से उनके घर लौटने की राह देख रहे हैं। वो आज भी ना चैन से सो पाते हैं और ना खा पाते हैं। इन हजार केसों में से एग्जाम्पल के तौर पर 4 परिवारों की कहानी संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, जो सम्राट चौधरी और पुलिस की लीपापोती वाली थ्योरी को खारिज कर रही है। कहानी-1ः किसी के साथ घूमने गई होगी, पैसे खत्म होंगे तो आ जाएगी 16 साल की लड़की। मैट्रिक के बाद इंटर की पढ़ाई शुरू की थी। गरीब माता-पिता किसी तरह पटना में रखकर पढ़ाई करा रहे थे। 26 जनवरी को लड़की लापता हो गई। 26 दिन बाद उसे बरामद किया गया। लड़की के पिता मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले हैं। पटना में छोटा मोटा काम करते हैं। हमने उनसे बात की। लड़की के पिता ने कहा, ‘दो बेटों के बाद बड़ी मन्नतों से बेटी हुई थी। पढ़ने में काफी होशियार है। मैं तो ज्यादा पढ़ नहीं पाया। मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा रहा हूं। बेटी ने मैट्रिक किया तो पटना रहकर उसे इंटर की पढ़ाई करा रहा हूं।’ ‘गांव से 20 जनवरी को हमलोग पटना अपने किराए के रूम पर आए थे। 26 जनवरी की रात की बात है। हमलोग सो रहे थे। भोर में मेरी पत्नी की नींद खुली तो देखा कि बगल में बच्ची नहीं है। वह उसके साथ ही सोई थी। उसने चिल्लाकर मुझे उठाया। कहा कि बेटी गायब है। रात में मेरे साथ ही सोई थी। हमने पहले अपने स्तर से उसे खोजने की कोशिश की। रिश्तेदारों से लेकर जानने वालों तक, सबसे पूछ लिया। कुछ पता नहीं चला।’ लड़की के पिता ने कहा, ‘इसके बाद मैंने पटना के रामकृष्णा नगर थाना जाकर आवेदन दिया। तीन-चार दिन थाना के चक्कर लगाया तब जाकर केस दर्ज हुआ। बेटी को खोजने के लिए बड़ी गुहार लगाई। कहा एक लड़का मेरी बेटी से छेड़खानी करता था। डर है कहीं कोई अनहोनी न कर दे।’ उन्होंने कहा, ‘हमलोगों को शक है कि बेगूसराय के एक लड़के ने उसे किडनैप किया है। कुछ दिनों पहले बेटी ने कहा था कि क्लास करने जाने के दौरान एक लड़का उसके साथ छेड़खानी करता है। पटना आने से पहले 18 जनवरी को मैंने गांव के कुछ लोगों से युवक की शिकायत की थी।’ विधान परिषद में मामला उठा, क्या पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई? राजद MLC सुनील सिंह ने 13 फरवरी को यह मामला सदन में उठाया। पीड़ित परिजन से आपत्तिजनक बात कहने वाले पुलिसकर्मी के बयान को शर्मनाक कहा। मामले के तूल पकड़ने के बाद DGP विनय कुमार ने कहा कि मामले की जांच करा रहे हैं। कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है। विधानसभा में मामला उठा तो एक्शन में आई पुलिस, लड़की बरामद 26 जनवरी को लड़की गायब हुई थी। 13 फरवरी तक इस मामले में पुलिस की कार्रवाई सुस्त रही। मामला सदन में उठा तो पुलिस एक्शन में आई। 21 फरवरी को पुलिस ने लड़की को बरामद किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया। पटना पुलिस ने लड़की को बेगूसराय से बरामद किया। पुलिस की जांच और लड़की से पूछताछ में पता चला कि अपने घर वालों से ही उसका किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। गुस्से में खुद से घर छोड़कर चली गई थी। शनिवार को पटना लाने के बाद कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। इसके बाद लड़की को मां-बाप के साथ घर भेज दिया गया। कहानी 2. दो बच्चों की मां को 4 लोगों ने किया किडनैप 5 फरवरी 2026 को नवादा के सिरदला में 30 साल की शोभा देवी अपने दो छोटे बच्चों के साथ शॉपिंग करने घर से निकली थी। दिन के 11:30 बजे शोभा और उसके बच्चों को परतापुर भट्‌टा के पास से 4 लोगों ने जबरन उठाया और गाड़ी में बैठाकर कहीं लेकर चले गए। हमने महिला के पिता से बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी कोई कुंवारी लड़की नहीं थी जो शादी की नियत से भाग जाए। वो दो बच्चों की मां है। मैंने सिरदला थाना में कंप्लेन दर्ज कराई है। पुलिस खोज रही है। लेकिन, कोई सुराग नहीं मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें शक है कि यह काम गया जिले के अतरी के रहने वाले बैजू साव का है। उसने ही मेरी बेटी और उसके बच्चों को किडनैप किया है। 6 फरवरी की सुबह 6 बजे बेटी ने अपने मोबाइल नंबर से मुझे कॉल किया था। बताया था कि बैजू साव और उसके 3-4 साथियों ने उसे एक कमरे में बंद कर रखा है। वह किस लोकेशन पर है। उसे इस बारे में कुछ नहीं पता।’ महिला के पिता ने आशंका जताई कि बैजू जबरन उनकी बेटी से शादी करना चाहता है। इसी नियत से उसे अगवा किया है। कहानी 3. 7 दिन से लापता है 26 साल की युवती 14 फरवरी को मधुबनी जिले के मधवापुर ब्लॉक की एक 26 साल की लड़की लापता हो गई। हमने लड़की के पिता से बात की। उन्होंने बताया, ‘मेरी बेटी घर से दुर्गा मंदिर में पूजा करने निकली थी। काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटी तो हमने मंदिर जाकर खोजबीन की। अपने स्तर से सारे रिश्तेदारों और परिचितों से बात की। दोस्तों के घर को खंगाल डाला। मगर, उसका कुछ पता नहीं चला।’ उन्होंने कहा, ‘जब कहीं से कुछ पता नहीं चला तो साहरघाट थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने अपने स्तर से छानबीन शुरू की, लेकिन, अब तक उसे बरामद नहीं कर पाई। 7 दिन हो गए मेरी बेटी कहा हैं? किस परिस्थिति में है? इस बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। तीन बार थाना गया हूं, पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले रही है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे बेटी की सुरक्षा को लेकर डर लग रहा है। पता नहीं वो किस हालत में होगी। हमलोग अपने स्तर से उसे खोज रहे हैं। हमारी कोई सुन नहीं रहा है। सरकार और प्रशासन, दोनों एक ही हैं।’ कहानी 4. दो बच्चों के बाप ने शादी और धर्म परिवर्तन के लिए नाबालिग को उठाया दरभंगा के कमतौल में शादीशुदा और दो बच्चों के बाप ने शादी और धर्म परिवर्तन कराने के लिए एक नाबालिग लड़की को अगवा कर लिया। ये आरोप लड़की के पिता ने लगाए हैं। उसने जेल से बाहर आते ही धमकी दी थी कि बेटी को उठा ले जाऊंगा। घटना 28 जनवरी 2026 की है। लड़की के परिजनों ने 2 फरवरी 2026 को पुलिस थाना में आवेदन दिया। कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि हमने केस दर्ज कर लिया है। लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रहे हैं। हमने लड़की के पिता से बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी 28 जनवरी को गायब हुई थी। हमने पहले तीन-चार दिनों तक उसे रिश्तेदारों के घर, आसपास के इलाके, चौक-चौराहों और रेलवे स्टेशन पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई।’ उन्होंने बताया, ‘आरोपी पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है। उसने धर्म परिवर्तन और शादी के लिए मेरी बेटी को अगवा किया। 4 सितंबर 2025 को आरोपी और उसके दो भाई हथियारों से लैस होकर मेरे घर में घुस आए थे। लूटपाट की थी। हमलोगों ने मो. सितारे को मौके पर पकड़ लिया था। इसके बाद थाना में मामला दर्ज हुआ था। आरोपी को जेल जाना पड़ा था। ‘जेल से बाहर आने के बाद वह लगातार धमकी दे रहा था कि बेटी को उठा लेगा। और अब उठा लिया है। पुलिस कुछ नहीं कर रही है।’ अब जानिए, लड़कियों के अगवा होने के मामले में सदन में क्या हुआ 13 फरवरी को राजद MLC सुनील सिंह ने विधान परिषद में पटना से नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला उठाया। कहा, ‘बेहद संवेदनशील मामला है। लड़की गायब है। FIR दर्ज कराने के लिए पिता को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने संदिग्धों का नाम भी दिया। लेकिन, पुलिस ने नामजद युवकों को गिरफ्तार नहीं किया है।’ सुनील सिंह ने सदन में कहा, ‘शर्म की बात यह है कि ऊपर से थाना के पुलिस पदाधिकारी ने पिता को कहा कि एक-दो महीने में ऐश मौज करके तुम्हारी बेटी खुद ही आ जाएगी।’ MLC की बातों पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा था कि सरकार ने संज्ञान लिया। सरकार इसी सत्र में इस पर जवाब देगी। MLC सुनील सिंह बोले- सूखे नशे का शिकार हो रहे युवा हमने विधान परिषद में पटना के रामकृष्णा नगर थाना का मामला उठाने वाले राजद MLC सुनील सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। BPL के तहत आता है। पिता राज मिस्त्री का काम करते हैं। वह कई बार थाना गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की।’ उन्होंने कहा, ‘जब वो अपनी बेटी को खोजने के लिए थाना जाते थे तब कुछ पुलिस वाले उसे कहते थे कि ‘आराम से जाओ, तुम्हारी बेटी एक-दो महीने में ऐश-मौज करके वापस आ जाएगी’। इस मामले को मैंने सदन में रखा था।’ राजद MLC ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। कोई एक-दो जगह का मामला नहीं है। बिहार में ऐसी कोई जगह नहीं जहां बेटियों के साथ बलात्कार की घटना नहीं हो रही हो। उनकी हत्या नहीं हो रही हो। 6 और 8 साल की बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही हैं।’ इस तरह के बढ़ते मामलों के लिए सुनील सिंह ने सीधे तौर पर शराबबंदी को जिम्मेवार बताया। नशे के कारोबार में क्या थानेदारों की मिलीभगत होती है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘सभी थानेदार ऐसा नहीं करते, लेकिन अधिकांश थानेदार बालू और शराब के धंधे से जुड़ गए हैं। इसी वजह से बिहार में अवैध कमाई का एक पैरलल साम्राज्य खड़ा हो गया है।’ बजट सत्र में पहले अब्दुलबारी सिद्दीकी ने उठाया था अपराध पर सवाल 12 फरवरी को विधान परिषद में पूर्व मंत्री व राजद MLC अब्दुलबारी सिद्दीकी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिहार में बढ़ते क्राइम पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि 2004 में बिहार में 115216 संज्ञेय अपराध हुए। चोरी के 11518 और अपहरण के 3245 मामले सामने आए थे। 2024 में 352130 संज्ञेय अपराध हुए। चोरी के 47548 तो अपहरण के 19768 मामले सामने आए। सिद्दीकी ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या अपराध पर नियंत्रण करना चाहती है? हां, तो कब तक और नहीं, तो क्यों? सम्राट चौधरी ने कहा था अपहरण के 14 हजार से अधिक मामले शादी की नियत से अब्दुलबारी सिद्दीकी के सवाल पर 12 फरवरी को सरकार की तरफ से मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने बताया, ‘2024 में बिहार में अपहरण के 19 हजार 768 मामले दर्ज किए गए। अपहरण के 14 हजार से अधिक मामले शादी की नीयत से घर से भगाने के हैं।’ गृह मंत्री ने कहा, ‘कानूनी प्रक्रिया के तहत इन मामलों को भी अपहरण की श्रेणी में ही दर्ज किया जाता है। जहां तक फिरौती के लिए अपहरण किए जाने की वारदातों की बात है तो ऐसे मामले काफी कम हैं। 2024 में फिरौती या हत्या की नीयत से अपहरण के 158 केस हुए थे। ऐसे मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।’ आखिर में जानिए, गुमशुदगी के मामलों में क्या कहता है कानून किसी नाबालिग या 18 साल से अधिक उम्र के लोगों की गुमशुदगी के मामले में कानून क्या कहता है? इसे जानने के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट तान्या श्री से बात की। उन्होंने कहा, ‘नाबालिग के गुमशुदा होने का कोई भी मामला जब थाना पहुंचता है तो थानेदार को केस दर्ज करना होगा। BNS की धारा के तहत यह जरूरी है। इससे संबंधित गाइडलाइंस समय-समय पर बचपन बचाओ आंदोलन के तहत सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी दी गई है।’ तान्या श्री ने कहा, ‘18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लापता मामले में पुलिस को पहले डायरी एंट्री करनी होगी। इसके बाद FIR दर्ज करना जरूरी है। आमतौर पर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में पुलिस ऑफिसर कंप्लेन दर्ज करने से हिचकते हैं।’


https://ift.tt/o4hegJD

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *