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एक अभियुक्त को 10 और दूसरे को 5 साल सजा:सुपौल में उत्पाद न्यायाधीश की अदालत का 2 साल बाद फैसला

सुपौल के अनन्य उत्पाद न्यायाधीश प्रथम अभिषेक कुमार की अदालत ने शनिवार को पिपरा थाना कांड संख्या 242/2024 से जुड़े उत्पाद वाद संख्या 680/2024 में दो अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई। अदालत ने सुपौल पुलिस द्वारा प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों, जांच प्रतिवेदन तथा गवाहों की गवाही के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग अवधि की सजा निर्धारित की। थुमहा वार्ड संख्या 10 निवासी चिन्टु कुमार को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 (संशोधित अधिनियम 2022) की धारा 30(ए) के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं बेलही टोला वार्ड संख्या 07 निवासी जय प्रकाश राय को इसी प्रकरण में 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना देने का आदेश दिया गया। 6 माह ज्यादा भुगतना होगा कारावास अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि अदा न करने पर दोनों अभियुक्तों को 6 माह अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। साथ ही, वे पहले से जेल में जितना समय बिता चुके हैं, उसे उनकी अंतिम सजा में समायोजित किया जाएगा। अदालत ने दोनों आरोपियों को ठहराया दोषी गौरतलब है कि इस मामले में 27 नवंबर को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद शनिवार को सजा पर अंतिम निर्णय सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक धर्मेन्द्र कामत ने पैरवी की। उन्होंने अदालत में उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों, जब्ती सूची, पुलिस प्रतिवेदन और गवाहों के बयान के आधार पर अभियुक्तों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। सुपौल पुलिस एवं अभियोजन कोषांग के संयुक्त समन्वय और प्रभावी प्रस्तुतीकरण के कारण यह महत्वपूर्ण फैसला संभव हो सका। सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह आदेश जिले में मद्यनिषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक कड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब कारोबार में शामिल व्यक्तियों के लिए यह फैसला चेतावनी है तथा पुलिस आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रखेगी।


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