उन्नाव में बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के खिलाफ बकाया बिल वसूली अभियान तेज कर दिया है। लंबे समय से बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ऑटो-कट सिस्टम के जरिए बंद की जा रही है। इस कार्रवाई से हजारों उपभोक्ताओं में हड़कंप है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर खंड में कुल 11,232 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 9,200 उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं किया है, जिन पर कुल 4.52 करोड़ रुपये बकाया है। अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) हिमांशु चौधरी ने बताया कि बार-बार सूचना देने के बावजूद भुगतान न होने पर 15 मार्च से 1,000 रुपये से अधिक बकाया वाले कनेक्शनों को ऑटो-कट मोड पर डाल दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 700 घरों की बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई जारी रहेगी और बकाया न चुकाने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिना किसी पूर्व सूचना के काटे जा सकते हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द बकाया जमा करने की अपील की है। बिजली विभाग ने आशंका जताई है कि कनेक्शन कटने के बाद कुछ लोग अवैध तरीके से बिजली चोरी कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए विजिलेंस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कटे हुए कनेक्शनों पर अवैध बिजली उपयोग की जांच कर रही हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्मार्ट मीटर को प्री-पेड प्रणाली में बदलने की प्रक्रिया जुलाई 2025 से शुरू हुई थी। हालांकि, कई उपभोक्ता नियमित रिचार्ज नहीं करा रहे हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान के बाद भी तकनीकी खामियों के कारण बिजली बहाल होने में 24 घंटे तक का समय लगने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में भुगतान की धनराशि रिफंड हो जाने से उपभोक्ताओं को बिजली उपकेंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एक्सईएन हिमांशु चौधरी ने बताया कि स्मार्ट मीटर धारकों पर 4.52 करोड़ रुपये का बकाया है और ऑटो-कट सिस्टम के तहत कार्रवाई जारी है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे उपभोक्ता ऐप या स्मार्ट कंज्यूमर ऐप के माध्यम से समय पर भुगतान करें। साथ ही विभाग तकनीकी समस्याओं को जल्द दुरुस्त करने में जुटा हुआ है, ताकि बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल की जा सके।

Leave a Reply