उन्नाव में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हासिल की है। मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग 13 लाख करोड़ रुपये थी। यह वर्ष 2025 तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने इस वृद्धि को प्रदेश सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का परिणाम बताया, जो बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
उन्होंने सड़क एवं परिवहन क्षेत्र में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो एक्सप्रेस-वे थे, जबकि अब 22 एक्सप्रेस-वे बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना उन्नाव सहित आसपास के जिलों के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश के विकास के लिए तीन प्रमुख स्तंभों पर जोर दिया: सुरक्षा, कनेक्टिविटी और बिजली। उन्होंने कहा कि मजबूत सुरक्षा से निवेश बढ़ता है, बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और उद्योग को गति मिलती है, जबकि पर्याप्त बिजली आपूर्ति से औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं। मंत्री ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जनता को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का निर्देश दिया। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा। इस अवसर पर व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस दौरान भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी ने पुनः दायित्व मिलने पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग और प्रदेश अध्यक्ष अरुण अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता रहेगी और किसी भी स्तर पर व्यापारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने प्रशासन से उनके लिए निर्धारित स्थान सुनिश्चित करने की मांग की।

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