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उन्नाव पीएचसी में गर्भवती से बाहर से दवा मंगवाई:डिलीवरी के लिए पैसे मांगे, डीजी ने जांचकर कार्रवाई के दिए आदेश


                 उन्नाव पीएचसी में गर्भवती से बाहर से दवा मंगवाई:डिलीवरी के लिए पैसे मांगे, डीजी ने जांचकर कार्रवाई के दिए आदेश

उन्नाव पीएचसी में गर्भवती से बाहर से दवा मंगवाई:डिलीवरी के लिए पैसे मांगे, डीजी ने जांचकर कार्रवाई के दिए आदेश

उन्नाव जिले के बीघापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक गर्भवती महिला से डिलीवरी के लिए बाहर से दवाएं और अन्य सामान मंगवाने तथा पैसे मांगने का आरोप सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अस्पताल परिसर में मौजूद महिला से पूछताछ कर रहा है। महिला ने बताया कि डिलीवरी के लिए अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण उन्हें बाहर के मेडिकल स्टोर से लगभग 1100 रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ीं। महिला रईथाना गांव की निवासी है और उसने स्टाफ द्वारा पर्चा लिखे जाने के बाद ही बाहर से दवाएं खरीदी थीं। महिला के अनुसार, अस्पताल में उन्हें बताया गया कि दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उसने यह भी बताया कि वह पहली बार इस पीएचसी में इलाज के लिए आई थी, जबकि आमतौर पर वह अचलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाती है, जहां उसे मुफ्त इलाज मिलता है। वीडियो में यह आरोप भी लगाया गया है कि डिलीवरी कराने के लिए लगभग 3000 रुपये की मांग की जा रही थी। हालांकि, महिला ने बताया कि उसकी डिलीवरी हो चुकी है, लेकिन दवाओं और अन्य खर्चों को लेकर विवाद जारी रहा। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जाना चाहिए, ताकि गरीब मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। वीडियो में दवाइयों और ग्लव्स को दिखाते हुए यह सवाल भी उठाया गया कि जच्चा-बच्चा केंद्र में आवश्यक सामान क्यों उपलब्ध नहीं है। मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोगों ने बताया कि बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन छोटे केंद्रों पर मरीजों को अक्सर बाहर से सामान खरीदना पड़ता है। डीजी हेल्थ पवन कुमार ने कहा कि शिकायत की जानकारी मिलने के बाद वह सीएमओ से बात कर पूरे मामले की जांच कराएंगे। अधिकारी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाएं बाहर से लिखे जाने और स्टाफ की अनुपस्थिति जैसी शिकायतें गंभीर हैं और इसकी जांच कर समाधान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था या मरीजों को असुविधा हुई है तो संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने मीडिया को मामले को संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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