मऊ जनपद के किसान अब अपनी बागवानी में हल्दी, सूरन और धनिया जैसी फसलों की खेती करके दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं। जिला उद्यान विभाग इन फसलों के बीज उपलब्ध करा रहा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि मुहम्मदाबाद गोहना और घोसी सहित जनपद के कई विकासखंडों में आम के बड़े बाग हैं, जहां किसान आमतौर पर केवल एक फसल पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने ऐसे छायादार स्थानों पर सूरन और हल्दी की खेती का सुझाव दिया, जहां थोड़ी धूप और थोड़ी छाया बनी रहती है। इन फसलों की बुवाई के लिए मार्च का महीना सबसे उपयुक्त होता है। गुप्ता के अनुसार, यदि किसान इन फसलों को अपनाते हैं, तो प्रति बीघा 50,000 रुपये तक की आय आसानी से प्राप्त की जा सकती है। यह पहल किसानों की आय में वृद्धि करने और उन्हें एक से अधिक फसल चक्र अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। उद्यान अधिकारी ने गर्मियों के मौसम में छायादार स्थानों पर धनिया और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के उत्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि गर्मी में शिमला मिर्च बाजारों में तीन गुना अधिक मूल्य पर बिकती है, जबकि धनिया का मूल्य पांच से छह गुना बढ़ जाता है। फसलों को लू के प्रभाव से बचाने के लिए, गुप्ता ने बागवानी के पश्चिमी किनारे पर सरकंडे की बाड़ लगाने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कटहल के पौधे लगाने का सुझाव दिया, क्योंकि कटहल के घने पेड़ न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करते हैं बल्कि अन्य पौधों को सीधी लू से भी बचाते हैं। नमी वाले स्थानों पर धनिया सहित अन्य महंगी फसलों की खेती विशेष रूप से लाभदायक हो सकती है। जिससे आपका आम के फलों के साथ-साथ सब्जियों से डबल मुनाफा हो सके। इन फसलों की खेती करने के लिए विशेष रूप से किसानों को उद्यान विभाग द्वारा हल्दी निशुल्क दिया जा रहा है जो अभी जनपद में प्रशिक्षण के रूप में किया जा रहा है। यह बागवानी और खुले स्थानों पर हल्दी की खेती कराई जा रही है जिससे आगे चलकर बड़े पैमाने पर किसानों से हल्दी की खेती कराया जाए ऐसे में यदि आप बागवानी लगाए हैं और सिर्फ एक फल का ही लाभ ले रहे हैं तो उसे बागवानी में हल्दी, सूरन, धनिया समेत शिमला मिर्च की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

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