रामपुर में ईद-उल-फितर के अवसर पर अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक अनूठी पहल की। संगठन ने ‘ग्रीन ईद, स्वीट ईद और हैप्पी ईद’ का पैगाम देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। महासंघ पिछले लगभग पंद्रह वर्षों से रमजान और ईद जैसे पवित्र अवसरों पर ‘शजरकारी’ यानी पौधारोपण करता आ रहा है। इस वर्ष भी अजीमुद्दीन पार्क, बजोड़ी टोला में परिवार सहित 11 पौधे लगाए गए। इनमें जामुन, अर्जुन, नीम और सृजन जैसे उपयोगी वृक्ष शामिल थे।
इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस्लाम में पेड़ लगाना केवल एक नेक काम नहीं, बल्कि ‘सदका-ए-जारिया’ है, जिसका पुण्य लगातार मिलता रहता है। हदीस का हवाला देते हुए कहा गया कि यदि कयामत भी करीब हो और हाथ में पौधा हो, तो उसे भी लगा देना चाहिए। यह संदेश प्रकृति से जुड़ने और उसे बचाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मशीयत फातिमा की उपस्थिति ने इस पहल को और महत्वपूर्ण बना दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि अपने जीवन के हर खास मौके को पेड़ लगाकर यादगार बनाएं। इस पहल के माध्यम से मुस्लिम महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि हर व्यक्ति साल में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

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