बरेली। ईदुल फितर के अवसर पर सिविल लाइंस स्थित मस्जिद नोमहला शरीफ में नमाजियों ने नमाज अदा करने के बाद पौधरोपण किया। यह पहल ईद के पारंपरिक संदेश को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ एक नई दिशा देती है। जनसेवा टीम के अध्यक्ष और समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी के नेतृत्व में यह मुहिम शुरू की गई। इसका उद्देश्य त्योहारों को केवल रस्मों तक सीमित न रखकर समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के अवसर के रूप में प्रस्तुत करना था। इस दौरान ‘हरा-भरा जहां ही खुशहाल जहां है’ का संदेश दिया गया। लोगों ने पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया। इस मौके पर मौजूद इमाम मुफ्ती अब्दुल बाकी ने इस्लाम में पेड़ लगाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना सदका-ए-जारिया है, जिसका अर्थ है ऐसा नेक काम जिसका सवाब लगातार मिलता रहता है। मुफ्ती बाकी ने बताया कि एक पेड़ न केवल इंसानों बल्कि जानवरों और पूरी प्रकृति को लाभ पहुंचाता है, इसलिए यह इबादत का ही एक रूप है। कार्यक्रम में ई. अनीस अहमद ख़ाँ, अर्शी अहमद ख़ाँ, अरशद अहमद, दानिश खान, हाजी साकिब रज़ा ख़ाँ, मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी, आसिम कुरैशी, अरशान रज़ा कादरी और नईम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और इस पर्यावरण मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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