इटावा कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक हुई। बैठक में पोषण ट्रैकर, एएनसी जांच, पोषण वितरण, सैम बच्चों की पहचान, आभा-अपार आईडी और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कई बिंदुओं पर धीमी प्रगति मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सभी अधिकारियों को समय से 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। पोषण ट्रैकर, फेस फैक्टर और ई-केवाईसी की कुल प्रगति करीब 95.94 प्रतिशत पाई गई। जिलाधिकारी ने इसे जल्द 100 प्रतिशत करने को कहा और स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार 100 प्रतिशत से कम प्रगति स्वीकार नहीं करेगी। एएनसी जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच में कई ब्लॉकों की स्थिति कमजोर रही, खासकर महेवा और चकरनगर में। एएनएम के प्रशिक्षण, नियमित बैठक और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की बात कही गई। आभा-अपार आईडी और सर्वे पर जोर सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लंबित आभा आईडी पूरी करने और 3 से 6 वर्ष के बच्चों की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही गांव स्तर पर सही सर्वे और सटीक आंकड़े देने पर जोर दिया गया। पोषण अभियान और सत्रों की कमी 10 से 30 अप्रैल तक पोषण ट्रैकर गृह भ्रमण अभियान चलाया जाएगा। सीबीई और वीएसएचएनडी सत्र तय संख्या से कम पाए गए, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए। पोषण वितरण और सैम बच्चों पर फोकस एफआरएस से पोषण वितरण 89.22 प्रतिशत रहा, जिसमें कुछ ब्लॉकों में सुधार के निर्देश दिए गए। सैम बच्चों की पहचान बढ़ाने और एनआरसी में भर्ती तेज करने को कहा गया, चकरनगर में शून्य भर्ती पर नाराजगी जताई गई। अन्य योजनाएं और नामांकन अभियान मातृ वंदना और कन्या सुमंगला योजना के लंबित मामलों को जल्द निपटाने को कहा गया। स्कूल चलो अभियान 2026 के तहत सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी और तय समय में लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

Leave a Reply